बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को झटका, मोहनिया सीट से प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द, जानकारी मिलते ही रोने लगीं .
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को एक बड़ा झटका लगा है। मोहनिया सीट से राजद प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द हो गया है। जैसे ही इसको जानकारी उन्हें लगी वे रोने लगीं। इससे पहले मंगलवार को महागठबंधन के एक और सहयोगी वीआईपी के कैंडिडेट शशिभूषण सिंह का सुगौली विधानसभा से नामांकन रद्द हो गया था।
कैमूर जिले की मोहनिया विधानसभा सीट से आरजेडी प्रत्याशी श्वेता सिंह ने दावा किया है कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक रूप से जानकारी सामने नहीं आई है। कहा जा रहा है कि भाजपा द्वारा शिकायत के बाद जांच के आधार पर आयोग की ओर से यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में दावा किया गया था कि श्वेता सुमन ने 2020 में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का पता दाखिल किया था जबकि इस बार अपना पता बिहार दिखाया है। निर्वाचन अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों और पिछले नामांकन रिकॉर्ड की पड़ताल कर यह फैसला लिया है।
श्वेता सुमन ने कहा कि मंगलवार को स्क्रूटनी में आए थे तो आज (बुधवार) का डेट दिया गया था। जाति प्रमाण पत्र को लेकर, जम हम आज गए तो सबसे पहले ये कहा गया कि हमने आपका नामांकन रद्द कर दिया है और कुछ नहीं कर सकते। फिर भी मेरे वकील ने कहा कि जब आपने समय दिया है तो आपको सुनना होगा। जिस सीओ ने उसे (जाति प्रमाण पत्र) प्रमाणित किया था उसी ने सीओ ने रिजेक्ट कर दिया। अधिकारियों ने एक बात नहीं सुनी और कहा कि आप कोर्ट में जाइए। श्वेता सुमन के वकील ने कहा कि एसडीओ को पावर नहीं है जाति प्रमाण पत्र की वैधता या डुप्लीकेसी की जांच करने का, ये स्क्रीनिंग कमेटी को पावर है। इलेक्शन के फॉर्म को स्वीकार करना चाहिए था। स्क्रीनिंग कमेटी का जो फैसला होता उसके बाद निर्णय होता है। सुमन ने कहा कि मैं यूपी कि हूं और आरोप लगाया गया था कि मेरा जाति प्रमाणपत्र यूपी का नहीं है यानी मैं यहां की मूल निवासी नहीं हूं। उन्होंने दावा किया कि वो 20 साल से यहां रह रही हूं।