भारत-पाकिस्तान तनाव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया: हिंसा समाधान नहीं, कूटनीति ही रास्ता.
भारत-पाकिस्तान तनाव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया: हिंसा समाधान नहीं, कूटनीति ही रास्ता
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर अमेरिका ने दोनों देशों से अपील की है कि वे एक-दूसरे पर हमले बंद करें, क्योंकि हिंसा और सैन्य कार्रवाई से कोई समाधान नहीं निकलता। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने यह बात एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कही।ब्रूस ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “अमेरिका का स्पष्ट संदेश है कि हिंसा, सैन्य कार्रवाई और युद्ध बंद होने चाहिए। हमने मध्य-पूर्व में यह साफ देखा है कि युद्ध से समाधान नहीं निकलता।
उन्होंने आगे कहा, "जंग, सेना और हिंसा कोई स्थायी समाधान नहीं हैं। पीढ़ियों से चल रही समस्याओं को रोकने के लिए नए विचारों और कूटनीति की आवश्यकता है। भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित मध्यस्थता पर पूछे गए सवाल के जवाब में टैमी ब्रूस ने कहा, “जब भी किसी मुद्दे पर संबंधित देशों के नेताओं के बीच कूटनीतिक या किसी भी स्तर पर बातचीत हो रही होती है, तो हम उसकी जानकारी साझा नहीं करते। यह हमारी नीति है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस तरह की बातचीत के विवरण को सार्वजनिक नहीं करता, खासकर तब जब वह निजी स्तर पर हो रही हो।हालांकि, ब्रूस ने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता को लेकर न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया।
इसके साथ ही, उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से टेलीफोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान रुबियो ने दोनों नेताओं से तनाव कम करने और हिंसा रोकने की अपील की और सीधी बातचीत पर ज़ोर दिया।