सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट की फटकार और पूरे देश में निंदा के बाद भी विजय शाह पर क्यों चुप है भाजपा, आखिर किस मुहूर्त का है इंतजार.
भोपाल। ऑपरेशन सिंदूर की अहम हिस्सा रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी पर विजय शाह के बयान से पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। विपक्ष के नेताओं के साथ ही अब भाजपा में विजय शाह के खिलाफ आवाज उठने लगी है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की फटकार के बाद भी विजय शाह पर कार्रवाई न होना समझ से परे है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर और कितना फजीहत करवाना चाहती है भाजपा।
ताज्जुब इस बात का है कि भोपाल से लेकर दिल्ली तक बवाल मचने और नाक कटने के बाद भी भाजपा अभी तक खामोश क्यों है? वह भी ऐसे मामले में जो सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ा है। लोगों को इस बात पर आश्चर्य हो रहा है कि इतना बड़ा कांड हो जाने के बाद भी प्रदेश भाजपा को दिल्ली हाईकमान से अब तक कार्रवाई के निर्देश क्यों नहीं आए? शायद भाजपा यह डर रही है कि पहले से ही उसके पास आदिवासी नेताओं की कमी है और अगर शाह पर कार्रवाई कर दी तो बचा-खुचा आदिवासी समर्थन भी उसके हाथ से कहीं चला न जाए।
कहां गया भाजपा का अनुशासन
भाजपा को कैडर वाली और अनुशासन वाली पार्टी माना जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विजय शाह का बयान अब तक अनुशासन की सीमा में क्यों नहीं आया? जिस मंत्री की बेवकूफी को पूरा देश देख रहा है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट फटकार लगा रहा है, उस पर भी भाजपा अगर चुप है तो निश्चित तौर पर भाजपा में माहौल और बिगड़ने वाला है। अगर शाह कार्रवाई से बच जाते हैं और नेताओं को शह मिलेगी।
बार-बार गलती, हर बार मिला पद
विजय शाह ने कोई पहली बार ऐसा बयान नहीं दिया है। कई बार वे विवादों में रहे हैं। एक बात तो उन्हें इस्तीफा भी देना पड़ा था, लेकिन फिर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल जाती है। विजय शाह साल 2013 में जब जनजातीय कार्य मंत्री थे। तब खंडवा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद उन्हें पद से इस्तीफा देने पड़ा था।
विजय शाह के कुछ विवादित मामले
-एक कार्यक्रम में बालिकाओं को टी-शर्ट बांटते समय शाह ने कहा था, इनको दो-दो दे दो, मुझे नहीं पता ये नीचे क्या पहनती हैं। उनके इस बयान की भी काफी आलोचना हुई थी।
-साल 2020 में बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन की फिल्म शेरनी की शूटिंग प्रदेश के जंगलों में हो रही थी। उस समय आरोप लगे कि तब वन मंत्री रहे विजय शाह ने अभिनेत्री को डिनर पर आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया तो अगले ही दिन शूटिंग क्रू की गाड़ियों को जंगल में एंट्री नहीं दी गई।
- साल 2018 में शिक्षक दिवस समारोह के दौरान मंत्री शाह ने मंच से एक बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था, अगर आज गुरु के सम्मान में ताली नहीं बजाओगे तो अगले जन्म में घर-घर जाकर ताली बजानी पड़ेगी। इस पर किन्नर समुदाय ने जमकर आपत्ति जताई थी।
-सितंबर 2022 में खंडवा में एक जनसभा शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की शादी को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। शाह ने कहा था कि अगर कोई लड़का 50-55 साल का हो जाए और शादी न करे तो लोग पूछते हैं कि कोई कमी तो नहीं है?