ताई ने महापौर को लिखी चिट्ठी-शहर के विकास पर चर्चा करनी है, आपने कहा था स्वयं आएंगे, आपके पास समय नहीं तो मैं ही आ जाती हूं.
इंदौर। पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन शहर के मुद्दों पर चिटि्ठयां लिखती रही हैं। अभी भी यह सिलसिला जारी है। एक ताजा चिट्ठी उन्होंने सोमवार यानी 5 मई को महापौर के नाम लिखी है। इसमें ताई ने कहा है कि आपसे इंदौर के विकास पर चर्चा करनी है। आपने कहा था कि आप स्वयं आएंगे, अगर आपके पास समय नहीं तो मैं खुद ही आ जाती हूं।
ताई ने पत्र में लिखा है कि अभी आपने कई अच्छे कार्य किए, कुछ घोषणा भी की। भारत वन के बारे में कृपया चर्चा करके निर्णय करें। वन बनाना पेड़ लगाना ठीक, लेकिन इस पर जरा पर्यावरणविद और हम जैसों के साथ भी चर्चा करके तय करें। यह निवेदन है। ताई ने लिखा-अभी एक विषय पढ़ा नामकरण को लेकर। मुझे इतना ही कहना कि श्रेष्ठ, वरिष्ठ, देश माटी को समर्पित महान व्यक्तित्व को जाति, वर्ण, वर्ग में बांटने की प्रवृत्ति को यहीं विराम देना चाहिए। अनेक विषय हैं जैसे पानी, स्टॉर्मवाटर, स्वच्छ जल स्त्रोत वगैरह। आप समय दें तो स्वयं चर्चा करने आऊंगी, आप कहें तो इस प्रकार पत्र द्वारा भी मन्तव्य आप तक पहुंचा दूंगी।
ताई की चिट्ठी के आखिर क्या हैं मायने
इंदौर के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में ताई के इस पत्र के कई मायने हैं। इस पत्र से साफ जाहिर हो रहा है कि शहर विकास की योजनाओं में आज भी वरिष्ठ राजनेताओं, विशेषज्ञों की राय नहीं ली जा रही। इससे पहले भी ताई ने पिछले माह मेट्रो को लेकर एक पत्र महापौर को लिखा था। उसमें यह साफ-साफ कहा था कि इस प्रोजेक्ट को लेकर समय-समय सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों की बैठक होना चाहिए। ताई के इस पत्र से यह भी स्पष्ट है कि महापौर ने उनके पत्र को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और खुद मिलने आने की बात कर मुद्दे को टाल गए। इस पत्र से यह भी जाहिर होता है कि महापौर भी कुछ गुट विशेष के नेताओं की राह पर चल पड़े हैं।
मेट्रो के अंडर ग्राउंड रुट को लेकर लिखा था पत्र
पिछले माह ताई ने मेट्रो को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव को पत्र लिखा था। इसमें मेट्रो के अंडर ग्राउंड रुट के लिए एमजी रोड की बजाए सुभाष मार्ग का सुझाव दिया गया था। ताई ने लिखा था कि एमजी रोड पर सघन बस्ती और पुरातत्व महत्व के निर्माण हैं। वहां से मेट्रो ट्रेन भूमिगत होती है तो नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए इसे सुभाष मार्ग से ले जाना चाहिए। ताई ने यह सुझाव भी दिया है कि मेट्रो को पत्रकार कॉलोनी के आगे पलासिया से 56 दुकान, रेसकोर्स रोड, राजकुमार ब्रिज से वीआईपी रोड से आगे एरोड्रम तक ले जाया जा सकता है।
ताई ने बदलवाया था राजवाड़ा के पास का स्टेशन
उल्लेखनीय है कि ताई ने तीन साल पहले भी मेट्रो को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था और राजवाड़ा के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन को लेकर आपत्ति ली थी। इसके बाद अफसरों ने मेट्रो के रुट में बदलाव करते हुए राजवाड़ा के बजाए मेट्रो का स्टेशन सदरबाजार के पुराने एसपी कार्यालय में परिवर्तित किया था। खास बात यह कि ताई ने यह पत्र तब लिखा है जब मेट्रो के अंडर ग्राउंड रुट को लेकर काफी सियासत हो चुकी है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही अंडर ग्राउंड ट्रैक को लेकर अपनी टांग फंसा चुके हैं। मंत्री चाहते हैं कि एमजी रोड की बजाए कनाड़िया रोड से मेट्रो अंडरग्राउंड हो।