अपने बयानों से अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर रहने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा-मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं हटा.
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने बयानों और विचारों को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर रहते हैं। कई बार कांग्रेस को उनके बयानों पर अपना बचाव करना पड़ा है। इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी की विचारधारा से हटकर काम नहीं किया है। जब मैंने विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए, तब भी ज्यादातर मामलों में पार्टी और मैं एक ही लाइन पर थे।
थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों से जो सवाल पूछे, उसका स्पष्ट उद्देश्य था और पार्टी को इससे परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद अक्सर तब पैदा होते हैं, जब मीडिया केवल शीर्षक देखकर रिपोर्टिंग करता है और पूरे लेख को नहीं पढ़ता। थरूर ने कहा, जब मैं पूछता हूं कि क्या लोगों ने वास्तव में पढ़ा कि मैंने क्या लिखा, तो अधिकांश ने नहीं पढ़ा। पूरा लेख पढ़ने के बाद ही असली मुद्दा समझ में आता है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में 17 वर्षों से हैं और सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध रखते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या ये मुद्दे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के बाद शुरू हुए, थरूर ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करती है और पहले भी कई नेताओं ने अंदरूनी चुनावों में हिस्सा लिया है। मैंने चुनाव लड़ा और हार गया। यह अध्याय वहीं समाप्त हुआ। मुझे इसमें कोई कहानी नहीं दिखती। पार्टी के इतिहास में कई चुनाव हुए हैं, कई जीते और कई हारे।
आडवाणी वाले बयान को शिष्टाचार बताया
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का बचाव करने वाले अपने बयान पर थरूर ने कहा कि यह आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर शिष्टाचार था। उन्होंने कहा, हमारी संस्कृति हमें बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाती है और मैंने वही किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा के रूप में देखे जाने वाले बयानों को लेकर एक अन्य विवाद का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि उन्होंने केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कही गई बातों को उद्धृत किया था। उन्होंने कहा कि मैंने लोगों से पूछा कि मैंने उनकी प्रशंसा कहां की है। अगर कोई पूरा पोस्ट पढ़ेगा तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था।