राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया का पलटवार, कहा-मोहब्बत की दुकान नहीं, झूठ का शोरूम चला रहे.
नई दिल्ली। राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने जोरदार पलटवार किया है। गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान नहीं, बल्कि झूठ का शोरूम चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर झूठे आरोप लगाते हैं और जब उनसे सबूत मांगे जाते हैं तो पीछे हट जाते हैं।
भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बोगस वोटिंग का आरोप लगाया गया था। इससे पहले भी याचिकाकर्ता ने 95 सीटों पर गड़बड़ी का दावा किया था, जिसे अदालत ने सिरे से नकार दिया था। सच्चाई और ताकत के साथ खड़ी है, जबकि राहुल गांधी अराजकता और झूठ का मॉडल पेश कर रहे हैं।
इस झूठ की जिम्मेदारी कौन लेगा
भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी खुद भ्रष्टाचार मामलों में जमानत पर हैं, इसलिए उन्हें सरकारी संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप नहीं लगाने चाहिए। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि 40 घंटे तक झूठ फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की गई और चुनाव आयोग की साख पर सवाल उठाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस झूठ की जिम्मेदारी कौन लेगा।
क्या राहुल गांधी देश से मांगेंगे माफी
गौरव भाटिया कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी का काम बस यही रह गया कि वे सभी संवैधानिक संस्थाओं को चोर कहें। उन्होंने कहा कि एक चुनावी विशेषज्ञ हैं संजय कुमार जो सीएसडीएस का सर्वे करते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव को लेकर फर्जी बात कही उसी को लेकर राहुल गांधी अपनी बात कह रहे हैं। संजय कुमार ने माफी मांग ली है। क्या अब राहुल गांधी देश से माफी मांगेंगे?
सीएसडीएस के संजय कुमार ने मांगी माफी
उल्लेखनीय है कि सीएसडीएस के संजय कुमार ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र की रामटेक विधानसभा में कुल 4,66,203 वोटर्स थे, जबकि विधानसभा चुनाव के दौरान यहां वोटर घटकर केवल 2,86,931 हो गए। यहां लोकसभा के बाद हुए विधानसभा चुनाव में वोटरों की संख्या में 38 फीसदी की कमी हुई। अब उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव को लेकर किए गए एक्स पोस्ट पोस्ट के लिए मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के आंकड़ों की तुलना करते समय गड़बड़ी हो गई थी।