बिहार फॉर्मूला अब बंगाल में, अमित शाह संभालेंगे पांच राज्यों का चुनावी मोर्चा — हर महीने घूमेंगे मैदान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब बिहार के बाद पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की कमान संभालने जा रहे हैं। शाह इस चुनावी अभियान की शुरुआत इस महीने के अंत में पश्चिम बंगाल के दौरे से करेंगे। इसके बाद चुनाव अधिसूचना आने तक वे असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हर महीने कम से कम तीन दिन का प्रवास करेंगे।

पांच राज्यों में शाह की मास्टर रणनीति
शाह का फोकस बिहार मॉडल पर ही आधारित है—
- कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना
- संगठन को एक्टिव मोड में लाना
- सहयोगी दलों के साथ साझा रणनीति तैयार करना
- स्थानीय मुद्दों के आधार पर क्षेत्रवार बैठकें
- बूथ-स्तर पर सीधे संवाद
पश्चिम बंगाल में भाजपा अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी, जबकि असम, केरल और तमिलनाडु में सहयोगी दलों के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेगी।
बंगाल में ‘कमल खिलाने’ के लिए बिहार फॉर्मूला
शाह बंगाल में अपनी रणनीति को बिहार की तर्ज पर लागू करेंगे। उनकी योजना में शामिल हैं—
- बूथ कार्यकर्ताओं से अलग बैठकें
- क्षेत्रवार फीडबैक
- संगठनात्मक समीक्षा
- चुनावी मुद्दों पर तय रणनीतिक चर्चा
शाह के प्रवास के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण आंतरिक बैठकें भी होंगी।
अन्य राज्यों में भी साझा अभियान
बिहार की तरह ही भाजपा असम, केरल और तमिलनाडु में—
- सहयोगियों के साथ संयुक्त प्रचार
- साझा अभियान
- संयुक्त बूथ प्रबंधन
- कार्यकर्ताओं को साझा लक्ष्य
इसी मॉडल से बिहार में एनडीए ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी।
अगले साल के विधानसभा चुनावों के लिए अमित शाह का दौरा और रणनीति पांच राज्यों की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।
बिहार फॉर्मूला अब बंगाल में, अमित शाह संभालेंगे पांच राज्यों का चुनावी मोर्चा — हर महीने घूमेंगे मैदान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब बिहार के बाद पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की कमान संभालने जा रहे हैं। शाह इस चुनावी अभियान की शुरुआत इस महीने के अंत में पश्चिम बंगाल के दौरे से करेंगे। इसके बाद चुनाव अधिसूचना आने तक वे असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हर महीने कम से कम तीन दिन का प्रवास करेंगे।
पांच राज्यों में शाह की मास्टर रणनीति
शाह का फोकस बिहार मॉडल पर ही आधारित है—
कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना
संगठन को एक्टिव मोड में लाना
सहयोगी दलों के साथ साझा रणनीति तैयार करना
स्थानीय मुद्दों के आधार पर क्षेत्रवार बैठकें
बूथ-स्तर पर सीधे संवाद
पश्चिम बंगाल में भाजपा अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी, जबकि असम, केरल और तमिलनाडु में सहयोगी दलों के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेगी।
बंगाल में ‘कमल खिलाने’ के लिए बिहार फॉर्मूला
शाह बंगाल में अपनी रणनीति को बिहार की तर्ज पर लागू करेंगे। उनकी योजना में शामिल हैं—
बूथ कार्यकर्ताओं से अलग बैठकें
क्षेत्रवार फीडबैक
संगठनात्मक समीक्षा
चुनावी मुद्दों पर तय रणनीतिक चर्चा
शाह के प्रवास के दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण आंतरिक बैठकें भी होंगी।
अन्य राज्यों में भी साझा अभियान
बिहार की तरह ही भाजपा असम, केरल और तमिलनाडु में—
सहयोगियों के साथ संयुक्त प्रचार
साझा अभियान
संयुक्त बूथ प्रबंधन
कार्यकर्ताओं को साझा लक्ष्य
इसी मॉडल से बिहार में एनडीए ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी।
अगले साल के विधानसभा चुनावों के लिए अमित शाह का दौरा और रणनीति पांच राज्यों की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।