इस साल में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: हीटवेव का खतरा, सावधानी जरूरी.
इस साल में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: हीटवेव का खतरा, सावधानी जरूरी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 2025 में भारत ने अब तक की सबसे गर्म फरवरी का सामना किया। 26 फरवरी को मुंबई का तापमान 38.7°C तक पहुंच गया, अन्य शहरों में भी तापमान में वृद्धि देखी गई जो सामान्य से 5.9°C अधिक था। इस बढ़ती गर्मी के चलते हीटवेव की चेतावनी पहले ही जारी करनी पड़ी।

गर्मी के बढ़ते खतरे
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक, रक्तचाप की समस्याएं और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
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यूरोपियन कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, फरवरी 2025 125 वर्षों में तीसरी सबसे गर्म फरवरी रही।
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सतह के पास औसत तापमान 1850-1900 की तुलना में 1.59°C अधिक दर्ज किया गया।
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मार्च के अंत तक गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जिससे मई-जून में रिकॉर्डतोड़ तापमान देखने को मिल सकता है।
स्वास्थ्य पर असर और तैयारी
बढ़ती गर्मी से हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप के मरीजों और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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सरकार के राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अनुसार, 74% अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है, लेकिन 26% अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण अभी भी बाकी है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि इस बार गर्मी अपेक्षा से पहले और अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।
कैसे बचें बढ़ती गर्मी से?
-दिन में धूप में कम निकलें
- खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें
-हल्के व सूती कपड़े पहनें
-कैफीन और शराब से बचें
- घर और कार्यस्थल को हवादार रखें
गर्मी ने अभी से ही दस्तक दे दी है, ऐसे में आने वाले समय में हीटवेव से बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है!
इस साल में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: हीटवेव का खतरा, सावधानी जरूरी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 2025 में भारत ने अब तक की सबसे गर्म फरवरी का सामना किया। 26 फरवरी को मुंबई का तापमान 38.7°C तक पहुंच गया, अन्य शहरों में भी तापमान में वृद्धि देखी गई जो सामान्य से 5.9°C अधिक था। इस बढ़ती गर्मी के चलते हीटवेव की चेतावनी पहले ही जारी करनी पड़ी।
गर्मी के बढ़ते खतरे
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक, रक्तचाप की समस्याएं और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
यूरोपियन कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, फरवरी 2025 125 वर्षों में तीसरी सबसे गर्म फरवरी रही।
सतह के पास औसत तापमान 1850-1900 की तुलना में 1.59°C अधिक दर्ज किया गया।
मार्च के अंत तक गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जिससे मई-जून में रिकॉर्डतोड़ तापमान देखने को मिल सकता है।
स्वास्थ्य पर असर और तैयारी
बढ़ती गर्मी से हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप के मरीजों और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
सरकार के राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अनुसार, 74% अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है, लेकिन 26% अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण अभी भी बाकी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि इस बार गर्मी अपेक्षा से पहले और अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।
कैसे बचें बढ़ती गर्मी से?
-दिन में धूप में कम निकलें
- खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें
-हल्के व सूती कपड़े पहनें
-कैफीन और शराब से बचें
- घर और कार्यस्थल को हवादार रखें
गर्मी ने अभी से ही दस्तक दे दी है, ऐसे में आने वाले समय में हीटवेव से बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है!