अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर सीएम यादव ने गिनाई उपलब्धियां, कहा-डॉक्टरों को प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देकर सरकारी सेवा में लाएंगे.
भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के दो साल पूरे होने जा रहा हैं। शुक्रवार को सीएम डॉ.मोहन यादव भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी उपलब्धियां जनता के सामने रखी। सीएम ने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर सबसे बड़ी समस्या थी। छत्तीसगढ़ से लगे मध्यप्रदेश के कई इलाके नक्सलवाद से प्रभावित रहे, जहां एक साथ 17-17 पुलिसकर्मियों की हत्या तक कर दी गई। हमने नक्सलवाद खत्म कर सिस्टम को मजबूत किया।
सीएम यादव ने बताया कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में डेडलाइन तय की, तब सभी को लगा कि यह संभव होगा भी या नहीं। लेकिन कई पुलिस अधिकारी स्वयं आगे आए और बालाघाट में ड्यूटी की मांग की, जिससे नक्सलवाद खत्म करने में बड़ी मदद मिली। मंडला, बालाघाट और डिंडोरी में नक्सली समस्या खत्म करना प्रदेश के लिए एक बड़ा उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों और आम नागरिकों ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई है, मैं उन सभी को सलाम करता हूं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब जरूरत है कि सिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाए कि यह समस्या दोबारा सिर न उठा सके।
डॉक्टरों को प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देंगे
सीएम यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती डॉक्टरों की कमी पर चिन्ता जताई है। उन्होंने कहा कि, तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं तो हमको उसके हिसाब से मैनपॉवर भी चाहिए। हेल्थ सेक्टर में एक्सपर्ट नहीं मिलने की चुनौती तो है, लेकिन हमने तय किया है कि हम प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में आगे लाएंगे।
नदी जोड़ो अभियान से सिंचाई का रकबा बढ़ा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नदी जोड़ो अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। परस्पर सौहार्द के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी का पानी पहुंचने से बड़ी राहत मिलेगी। उज्जैन की शिप्रा नदी में दो तरह की चुनौतियां थीं। पिछले सिंहस्थ में साधु-संतों ने गंभीर नदी के पानी से स्नान किया था। स्नान तो हुआ और सिंहस्थ संपन्न हुआ, लेकिन शिप्रा नदी का पानी उपलब्ध नहीं था। इस बार जल संसाधन विभाग ने व्यवस्था कर दी है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से स्नान हो सके। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है।
दूरदर्शी सोच के साथ पूरे किए प्रोजेक्ट
सीएम यादव ने कहा कि भोपाल में पहले जीआईएस सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसे उनकी सरकार ने लागू किया। इसके अलावा, सागर में खाद का कारखाना चालू होने से यूरिया और अन्य खाद की आपूर्ति में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने न केवल व्यवस्थाएं चलाईं, बल्कि दूरदर्शी सोच के साथ ऐसे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जो सामान्यतः लंबा समय लेते।
इंदौर के हुकुमचंद मिल का किया जिक्र
सीएम यादव ने इंदौर की हुकुमचंद मिल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 300 से 400 करोड़ के बकाया में उलझी मिल का निराकरण होने के बाद अब 70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट यहां लगने वाला है। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन करने का काम उनकी सरकार ने किया है।