सरकारी आवास नहीं छोड़ने पर लगेगी 30 प्रतिशत पेनल्टी, हाईटेंशन लाइन बिछाने पर किसानों को ज्यादा मुआवजा, मोहन कैबिनेट में कई फैसले.
भोपाल। भोपाल में मंगलवार को मोहन कैबिनेट की बैठक में कई फैसले हुए। इसमें यह तय किया गया कि रिटायर होने के बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं करने पर दस गुना किराए के अलावा 30 प्रतिशत तक पेनल्टी वसूल की जाएगी। इसके साथ ही हाई टेंशन लाइन बिछाने के कारण निजी भूमियों के अधिग्रहण पर ज्यादा मुआवजा देने पर भी सहमति दी गई।
कैबिनेट में प्रदेश में हाई टेंशन वितरण लाइन बिछाने के कारण निजी भूमि स्वामियों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि निर्धारण के संबंध में चर्चा की गई। किसानों के खेतों से बिजली लाइन जाने पर उनका नुकसान होता है। टावर के आसपास की भी एक-एक मीटर की जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। यह जमीन किसान के ही कब्जे में रहेगी, लेकिन उसका मुआवजा किसान को मिलेगा। जब बिजली लाइन डाली जाती है तो उस पर कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर 15 प्रतिशत मुआवजा राशि दिए जाने का प्रावधान लागू है। जिसे अब बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। कैबिनेट में यह भी तय हुआ है कि 132 केवी लाइन डालने में 28 मीटर, 220 केवी में 35 मीटर और 400 केवी की लाइन में 52 मीटर जमीन किसान से ली जाएगी।
सरकारी आवास नहीं खाली होने पर परेशानी
कैबिनेट में राजधानी में सरकारी आवास आवंटित होने और तबादले के बाद भी आवास रिक्त न करने के मामले में फैसला लिया गया है। अब तय किया है कि आवास न छोड़ने वालों से दस गुना किराए के अलावा 30 प्रतिशत तक पेनल्टी की वसूल की जाएगी। राजधानी में अलग-अलग विभागों में पदस्थ अधिकारियों द्वारा शासकीय आवास आवंटित होने के बाद दूसरे जिलों में स्थानांतरण के बाद भी आवंटित आवास रिक्त नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में यहां पदस्थ होने वाले नए अफसरों को आवास आवंटन में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए मोहन कैबिनेट ने इन आवासों की किराया राशि को लेकर बड़ा फैसला किया है। गृह विभाग के प्रस्ताव पर शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 में संशोधन को इसमें मंजूरी दी गई है।
28 नए आंगनबाड़ी केंद्र खुलेंगे
बैठक में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के अंतर्गत कार्यभारित और आकस्मिकता निधि में नियुक्त स्वीपर विजय गुजराती, हेल्पर शारदा माली, कुली छोगालाल, स्वीपर इंदर चांगरे को हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर क्रमोन्नति वेतनमान दिए जाने के संबंध में फैसला लिया गया है। महिला और बाल विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष जनजातीय क्षेत्रों में 28 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने, संचालन और पदों के सृजन तथा आंगनबाड़ी भवनोंं को मंजूरी दी गई।
सोलर एनर्जी के जरिए देंगे बिजली
पीएम जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रदेश में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चिह्नित पीवीटीजी समूहों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की दूसरे चरण की अतिरिक्त कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिसके जरिए बिजली विहीन 18833 घरों तक बिजली लाइन डालने और रोशनी देने का काम भारत सरकार की मदद से किया जाएगा। कुल 211 गांव हैं जहां ग्रिड से बिजली नहीं दे सकते, वहां सोलर एनर्जी के जरिए बिजली पहुंचाने का काम किया जाएगा। इसमें 60 प्रतिशत भारत सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार खर्च करेगी।