घर में अगर नहीं हो मोर पंख, दीपावली में जरूर लाएं, कई तरह की समस्याओं का मिलेगा समाधान .
इंदौर। हिन्दू धर्म में मोर पंख का काफी महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण का पसंदीदा होने के कारण अक्सर लोग इसे जन्माष्टमी पर घर ले आते हैं, लेकिन इसे दीपावली में भी लाया जा सकता है। ज्योतिष और वास्तुशास्त्र में इसके कई फायदे बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि मोर पंख को घर में रखने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
जानकारों के अनुसार मोर पंख का अगर सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जाए तो वे नकारात्मक प्रभाव भी डालते हैं। इसे पैरों के नीचे रख कर नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से घर में अशांति आती है। कई लोग इसे तकिए के नीचे रखकर सोते हैं, इसमें कोई बुराई नहीं लेकिन तकिए के नीचे हमेशा सफाई करते रहें। मोर पंख का इस्तेमाल घरों में सजावट के लिए नहीं करना चाहिए। सजावटी सामानों के साथ इसकी सकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। ऐसी मान्यता है कि अपने घर के मोर पंख को किसी दूसरे को देने से आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा उसके पास चली जाती है।
मोर पंख से होते हैं ये लाभ
जानकार बताते हैं कि काले धागे में मोर पंख बांधकर पर्स में रखने से आपको धन लाभ होता है। आर्थिक हानि रोकने में भी यह उपाय कारगर बताया जाता है। बुरे सपनों से बचने के लिए इसे तकिए के नीचे रख कर सो सकते हैं। घर के मंदिर की सफाई आप इससे कर सकते हैं। इसके साथ ही माता-पिता व अन्य पितरों की तस्वीरों क सफाई इससे करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और कर्ज का बोझ भी कम होता है। कई लोग बेडरूम में मोर पंख रखने का सुझाव भी देते हैं। इससे पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है। घर के दक्षिण-पूर्व कोण में मोरपंख लगाने से समृद्धि आती है। मोरपंख से कालसर्पदोष के दुष्प्रभाव भी दूर होते हैं। कालसर्प दोष वाले व्यक्ति को अपने तकिए के कवर के अंदर 9 मोरपंख पूर्णिमा के दिन रखना चाहिए, इससे किसी भी प्रकार का दुःस्वप्न नहीं आएगा। मोरपंख को घर के पूर्वी और उत्तर-पश्चिम दीवार में या जेब व डायरी में रखें तो राहु-केतु अथवा इनसे बनने वाला कालसर्प योग का प्रभाव कम होता है। अगर आपको कहीं गिरा हुआ मोर पंख मिल जाए तो इसे जरूर घर लाएं। इससे आपकी आर्थिक परेशानी तो दूर होगी ही सुख-समृद्धि में भी वृद्धि होगी।