नागपुर हिंसा में बांग्लादेश से भी आया था भड़काऊ मैसेज, पुलिस को जांच में मिला ऐसा पोस्ट, खुलेआम दी गई थी धमकी.
नागपुर। नागपुर में हुई हिंसा को लेकर पुलिस सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों की जांच कर रही है। इसमें बांग्लादेश से संचालित एक फेसबुक अकाउंट की भी पहचान हुई है, जिसमें नागपुर में बड़े पैमाने पर दंगा भड़काने की धमकी दी गई है। इस मामले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इनमें से 4 एफआईआर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने, भड़काने, उकसाने के मामलों में दर्ज की गई है।
नागपुर साइबर पुलिस ने नवाज खान पठान नाम के इंस्टाग्राम यूजर का अकाउंट आइडेंटिफाई किया है। यह बांग्लादेश का है इस अकाउंट में नागपुर दंगे के लेकर लिखा गया है कि इस बार सिर्फ हमला किया है, अगली बार तुम्हारी औरतों को उठाएंगे। नागपुर साइबर पुलिस के जरिए करीब 5 हजार सस्पेक्ट अकाउंट को हटाने का अनुरोध किया है, जिसमें अलग अलग भड़काऊ पोस्ट किए गए थे? पुलिस ने कहा कि इस पोस्ट को एक बांग्लादेशी यूजर ने लिखा था, जिसमें उसने कहा था कि सोमवार को हुए दंगे सिर्फ एक छोटी घटना थी और भविष्य में इससे बड़े दंगे होंगे। पुलिस अब इस अकाउंट की जांच कर रही है । साइबर सेल की जांच में यह सामने आया है कि इस अकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति बांग्लादेश का निवासी है और उसने यह संदेश बांग्लादेश से पोस्ट किया था। साइबर सेल ने फेसबुक से संपर्क कर उस अकाउंट को ब्लॉक करने का अनुरोध किया है।
सीएम फडणवीस ने कहा-जानबूझकर भड़काई हिंसा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी विधानसभा में हिंसा को लेकर कहा था कि यह हालिया घटनाएं जानबूझकर भड़काई गईं। जिन लोगों का इस हिंसा में हाथ है, उन्हें कब्र से भी खोदकर हम बाहर निकालेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कुछ लोगों ने जानबूझकर अफवाह फैलाने की कोशिश की कि आयत को जलाया गया, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर अफवाहों का सिलसिला जारी
नागपुर मामले में सोशल मीडिया का उपयोग न केवल नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है बल्कि इसके जरिये अफवाहें भी फैलाई जा रही है। पिछले दो दिनों में कई पोस्ट्स में दावा किया गया कि दंगों में घायल हुए दो लोगों की अस्पताल में मौत हो गई है। साइबर सेल ने अब तक 97 ऐसे पोस्ट्स की पहचान की है जो झूठी जानकारी फैला रहे थे। साइबर सेल ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी असत्यापित जानकारी पर विश्वास न करें और अफवाहों को फैलाने से बचें।