यूक्रेन ड्रोन हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता घटी, पेट्रोल-डीजल निर्यात पर साल के अंत तक आंशिक प्रतिबंध.
यूक्रेन ड्रोन हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता घटी, पेट्रोल-डीजल निर्यात पर साल के अंत तक आंशिक प्रतिबंध
यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता में भारी गिरावट आई है। कुछ दिनों में ही रिफाइनिंग उत्पादन लगभग पांचवें हिस्से तक कम हो गया, जिससे ईंधन की घरेलू आपूर्ति और निर्यात दोनों प्रभावित हुए हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए रूस ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, जो साल के अंत तक लागू रहेगा।

घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम
रूसी उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध को साल के अंत तक बढ़ाया जाएगा और डीजल ईंधन के गैर-उत्पादकों के लिए भी निर्यात रोका जाएगा। उनका कहना है कि इससे घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बेहतर होगी। नोवाक ने यह भी स्वीकार किया कि देश में तेल उत्पादों की थोड़ी कमी है और मौजूदा भंडार से मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
क्रीमिया और रिफाइनरी संकट
ईंधन आपूर्ति में बाधा रिफाइनरियों के बंद होने के कारण उत्पन्न हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, डीजल निर्यात पर नया प्रतिबंध मुख्य रूप से बिचौलियों पर लागू होगा, जबकि उत्पादकों द्वारा पाइपलाइनों से सीधे बाल्टिक और काला सागर बंदरगाहों तक भेजे जाने वाले निर्यात पर इसका असर सीमित होगा।
उत्पादन और निर्यात पर असर
2024 में रूस ने लगभग 86 मिलियन मीट्रिक टन डीजल का उत्पादन किया था, जिसमें से करीब 31 मिलियन टन का निर्यात हुआ। समुद्री मार्ग से डीजल निर्यात करने वाले देशों में रूस और अमेरिका शीर्ष पर हैं। पेट्रोल के निर्यात पर लगा प्रतिबंध उत्पादकों और बिचौलियों दोनों पर लागू होगा, हालांकि रूस के अन्य देशों के साथ अंतर-सरकारी समझौतों पर यह प्रभावी नहीं होगा।
बढ़ती ईंधन कमी
रूस में ईंधन की कमी तेजी से बढ़ रही है।