नाटो विवाद के बाद ट्रंप की नरमी: ब्रिटिश सैनिकों को बताया ‘महान और बहादुर योद्धा’.
नाटो विवाद के बाद ट्रंप की नरमी: ब्रिटिश सैनिकों को बताया ‘महान और बहादुर योद्धा’
अफगानिस्तान में नाटो की भूमिका को लेकर दिए गए अपने बयान पर मचे बवाल के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ब्रिटिश सैनिकों की खुलकर तारीफ की है। उनके ताजा बयान को ब्रिटेन के प्रति नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि ट्रंप ने अपने पुराने विवादित शब्दों के लिए अब तक औपचारिक रूप से माफी नहीं मांगी है।
अफगानिस्तान युद्ध पर टिप्पणी के चलते ब्रिटेन में तीखी आलोचना झेलने के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ब्रिटिश सैनिकों को “बहादुर” और “महान योद्धा” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं के बीच का रिश्ता अटूट है और कभी टूट नहीं सकता।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से बातचीत के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “यूनाइटेड किंगडम के महान और बेहद बहादुर सैनिक हमेशा अमेरिका के साथ खड़े रहेंगे।” उन्होंने अफगानिस्तान युद्ध में मारे गए 457 ब्रिटिश सैनिकों और गंभीर रूप से घायल जवानों को “दुनिया के सबसे महान योद्धाओं में से” बताते हुए कहा कि ब्रिटिश सेना “दिल और आत्मा से भरी हुई” है।
ट्रंप का यह बयान उनके उसी हफ्ते दिए गए पुराने बयान से अलग था, जिसमें उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उन्हें भरोसा नहीं है कि नाटो के बाकी 31 देश जरूरत पड़ने पर अमेरिका का साथ देंगे। उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि कई देशों के सैनिक “फ्रंट लाइन से दूर रहते हैं।” इन शब्दों को ब्रिटेन में अपमानजनक और दुखद बताया गया था, खासकर उन परिवारों ने इसका कड़ा विरोध किया जिनके अपने अफगानिस्तान युद्ध में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए थे।
प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने ट्रंप के पुराने बयान को “अपमानजनक और बेहद शर्मनाक” करार दिया था और कहा था कि ऐसे शब्द शहीद सैनिकों के परिवारों को गहरी चोट पहुंचाते हैं। हालांकि ट्रंप ने अपने नए बयान में न तो सीधे माफी मांगी और न ही अपने पुराने शब्दों को वापस लिया, लेकिन ब्रिटिश सैनिकों की ट्रंप के पुराने बयान पर केवल ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि इटली और फ्रांस ने भी नाराजगी जताई थी और इसे “अस्वीकार्य” बताया था।