तीन देशों का रणनीतिक दौरा: पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की कूटनीतिक मजबूती का नया अध्याय.
तीन देशों का रणनीतिक दौरा: पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की कूटनीतिक मजबूती का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के महत्वपूर्ण तीन-दिवसीय विदेश दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा पश्चिम एशिया और अफ्रीका के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है, भारत इस दौरे के जरिए अपने भरोसेमंद साझेदारों के साथ सहयोग को और सुदृढ़ करना चाहता है।

जॉर्डन: 75 साल के रिश्तों को नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी 15 दिसंबर को जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचेंगे, जहां वह किंग अब्दुल्ला द्वितीय के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि भारत-जॉर्डन कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। व्यापार, निवेश और राजनीतिक सहयोग पर विशेष फोकस रहेगा।
दूसरे दिन प्रधानमंत्री भारत-जॉर्डन व्यापार कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष कारोबारी शामिल होंगे। इसके अलावा वह भारतीय समुदाय से संवाद करेंगे और युवराज के साथ पेट्रा शहर का दौरा करेंगे, जो भारत-जॉर्डन के प्राचीन व्यापारिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है।
इथियोपिया: भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई दिशा
जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 से 17 दिसंबर तक इथियोपिया के राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह उनकी पहली इथियोपिया यात्रा होगी। यहां वह प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। भारत, अफ्रीका के एजेंडा 2063 और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाते हुए खुद को एक दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में मजबूत करना चाहता है।
ओमान: आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 17 से 18 दिसंबर तक ओमान जाएंगे। यह उनकी ओमान की दूसरी यात्रा होगी और ऐसे समय में हो रही है जब भारत-ओमान कूटनीतिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
इस यात्रा का मुख्य आकर्षण भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) रहेगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह तीन देशों का दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा।