सीरिया संकट: विद्रोहियों का हमा और एलेप्पो पर कब्जा , दमिश्क पर बढ़ा दबाव.
सीरिया संकट: विद्रोहियों का हमा और एलेप्पो पर कब्जा , दमिश्क पर बढ़ा दबाव
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ विद्रोही गुटों का अभियान राजधानी दमिश्क के करीब पहुंचता दिख रहा है। ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के अनुसार, विद्रोहियों ने एलेप्पो और हमा पर कब्ज़ा कर लिया है और अब होम्स की ओर बढ़ रहे हैं। विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शम के नेता अबू मोहम्मद अल-जवलानी ने हमा पर नियंत्रण के बाद अपनी जीत का ऐलान किया।अगर विद्रोही होम्स पर कब्ज़ा कर लेते हैं, तो राजधानी दमिश्क का कई महत्वपूर्ण शहरों से संपर्क टूट जाएगा, जिससे सरकार के लिए चुनौती और बढ़ जाएगी।

राष्ट्रपति बशर अल-असद ने विद्रोहियों को आतंकवादी करार दिया है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से बातचीत के दौरान मौजूदा हालात के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि ये देश क्षेत्र के नक्शे को दोबारा से आकार देने की कोशिश कर रहे हैं।

विद्रोही गुटों की यह प्रगति असद सरकार के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि होम्स को राजधानी तक पहुंचने का मुख्य मार्ग माना जाता है।विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में विस्तार के कारण सीरियाई सरकार की सैन्य और प्रशासनिक पकड़ कमजोर होती दिख रही है।दमिश्क के चारों ओर दबाव बढ़ने से बशर अल-असद की सत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, ईरान और रूस का समर्थन असद के लिए अहम है।घरेलू मोर्चे पर, अमेरिका और पश्चिमी देशों पर असद द्वारा लगाए गए आरोप उनकी स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।सीरिया में जारी यह संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर है। अगर विद्रोही होम्स पर कब्ज़ा करने में सफल हो जाते हैं, तो राजधानी दमिश्क और बशर अल-असद की सत्ता पर गंभीर संकट आ सकता है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की भूमिका इस संघर्ष के परिणाम को तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
सीरिया संकट: विद्रोहियों का हमा और एलेप्पो पर कब्जा , दमिश्क पर बढ़ा दबाव
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ विद्रोही गुटों का अभियान राजधानी दमिश्क के करीब पहुंचता दिख रहा है। ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के अनुसार, विद्रोहियों ने एलेप्पो और हमा पर कब्ज़ा कर लिया है और अब होम्स की ओर बढ़ रहे हैं। विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शम के नेता अबू मोहम्मद अल-जवलानी ने हमा पर नियंत्रण के बाद अपनी जीत का ऐलान किया।अगर विद्रोही होम्स पर कब्ज़ा कर लेते हैं, तो राजधानी दमिश्क का कई महत्वपूर्ण शहरों से संपर्क टूट जाएगा, जिससे सरकार के लिए चुनौती और बढ़ जाएगी।
राष्ट्रपति बशर अल-असद ने विद्रोहियों को आतंकवादी करार दिया है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से बातचीत के दौरान मौजूदा हालात के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि ये देश क्षेत्र के नक्शे को दोबारा से आकार देने की कोशिश कर रहे हैं।
विद्रोही गुटों की यह प्रगति असद सरकार के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि होम्स को राजधानी तक पहुंचने का मुख्य मार्ग माना जाता है।विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में विस्तार के कारण सीरियाई सरकार की सैन्य और प्रशासनिक पकड़ कमजोर होती दिख रही है।दमिश्क के चारों ओर दबाव बढ़ने से बशर अल-असद की सत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, ईरान और रूस का समर्थन असद के लिए अहम है।घरेलू मोर्चे पर, अमेरिका और पश्चिमी देशों पर असद द्वारा लगाए गए आरोप उनकी स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।सीरिया में जारी यह संघर्ष अब एक निर्णायक मोड़ पर है। अगर विद्रोही होम्स पर कब्ज़ा करने में सफल हो जाते हैं, तो राजधानी दमिश्क और बशर अल-असद की सत्ता पर गंभीर संकट आ सकता है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की भूमिका इस संघर्ष के परिणाम को तय करने में महत्वपूर्ण होगी।