तमिलनाडु के रानीपेट में पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं; जांच जारी.
तमिलनाडु के रानीपेट में पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं; जांच जारी
तमिलनाडु के रानीपेट जिले के चित्तेरी रेलवे स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना अराकोणम-कटपडी मेमू पैसेंजर ट्रेन (66057) के चित्तेरी स्टेशन से रवाना होने के कुछ ही समय बाद हुई।

क्या हुआ घटनास्थल पर?
- प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, ट्रेन के लोको पायलट को तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत आपात ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।
- घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा टूटा हुआ है, जो ट्रेन के पटरी से उतरने का संभावित कारण माना जा रहा है।
- कोई घायल या हताहत नहीं हुआ, इसकी पुष्टि घटनास्थल पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की है।
राहत और मरम्मत कार्य जारी
- रेलवे कर्मचारी और आपातकालीन दल मौके पर पहुंच चुके हैं और ट्रैक की मरम्मत तथा संरचनात्मक क्षति के आकलन में जुटे हैं।
- हालांकि, दक्षिणी रेलवे की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सेवाएं कब तक बहाल होंगी या कितना समय लगेगा।
पिछली घटनाएं
गौरतलब है कि वर्ष 2011 में चित्तेरी के पास दो ट्रेनों की टक्कर हुई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस बार हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेल सुरक्षा मानकों पर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं।
हालिया घटना में भले ही कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ हो, लेकिन ट्रैक की टूट-फूट जैसी गंभीर लापरवाहियों को लेकर रेलवे प्रशासन पर निगरानी और जवाबदेही की मांग फिर तेज हो गई है। जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और भविष्य में सुरक्षा उपायों पर रेलवे का रुख साफ होगा।
तमिलनाडु के रानीपेट में पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतरी, कोई हताहत नहीं; जांच जारी
तमिलनाडु के रानीपेट जिले के चित्तेरी रेलवे स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना अराकोणम-कटपडी मेमू पैसेंजर ट्रेन (66057) के चित्तेरी स्टेशन से रवाना होने के कुछ ही समय बाद हुई।
क्या हुआ घटनास्थल पर?
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, ट्रेन के लोको पायलट को तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत आपात ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।
घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा टूटा हुआ है, जो ट्रेन के पटरी से उतरने का संभावित कारण माना जा रहा है।
कोई घायल या हताहत नहीं हुआ, इसकी पुष्टि घटनास्थल पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की है।
राहत और मरम्मत कार्य जारी
रेलवे कर्मचारी और आपातकालीन दल मौके पर पहुंच चुके हैं और ट्रैक की मरम्मत तथा संरचनात्मक क्षति के आकलन में जुटे हैं।
हालांकि, दक्षिणी रेलवे की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सेवाएं कब तक बहाल होंगी या कितना समय लगेगा।
पिछली घटनाएं
गौरतलब है कि वर्ष 2011 में चित्तेरी के पास दो ट्रेनों की टक्कर हुई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस बार हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेल सुरक्षा मानकों पर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं।
हालिया घटना में भले ही कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ हो, लेकिन ट्रैक की टूट-फूट जैसी गंभीर लापरवाहियों को लेकर रेलवे प्रशासन पर निगरानी और जवाबदेही की मांग फिर तेज हो गई है। जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और भविष्य में सुरक्षा उपायों पर रेलवे का रुख साफ होगा।