ओडिशा बाढ़ : बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज में तबाही, 100 से अधिक गांव जलमग्न.
ओडिशा बाढ़ : बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज में तबाही, 100 से अधिक गांव जलमग्न
सुवर्णरेखा, बुधबलंग और जलाका नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण ओडिशा के बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सबसे ज़्यादा प्रभावित बालासोर में लगभग 100 गांव पानी में डूब गए, जिससे सड़कें, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त‑व्यस्त हो गया है।

- बालासोर में हालात गंभीर: भोगराई, बस्ता, जलेश्वर और बलियापाल ब्लॉकों के गांव भारी बारिश और झारखंड से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण सर्वाधिक प्रभावित हैं।
- राहत‑बचाव अभियान तेज: अब तक सात ब्लॉकों की 46 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने 2,916 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और 17 राहत शिविर चालू किए हैं।
- नदियों का जलस्तर घट रहा, पर खतरा बना: जल संसाधन विभाग के अनुसार सुवर्णरेखा और जलाका का जलस्तर धीरे‑धीरे घट रहा है, फिर भी राजघाट और मथानी में पानी अभी भी खतरे के निशान के करीब है।
- जाजपुर व मयूरभंज में भी संकट: जाजपुर में बैतरणी नदी और मयूरभंज में सुवर्णरेखा‑बुधबलंग के बढ़े जलस्तर से कई इलाके बाढ़ग्रस्त हैं।
प्रशासन के मुताबिक लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित जिलों में अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी जा रही है। जिला कलेक्टरों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर खाद्य सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और अस्थायी आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ओडिशा बाढ़ : बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज में तबाही, 100 से अधिक गांव जलमग्न
सुवर्णरेखा, बुधबलंग और जलाका नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण ओडिशा के बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सबसे ज़्यादा प्रभावित बालासोर में लगभग 100 गांव पानी में डूब गए, जिससे सड़कें, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त‑व्यस्त हो गया है।
बालासोर में हालात गंभीर: भोगराई, बस्ता, जलेश्वर और बलियापाल ब्लॉकों के गांव भारी बारिश और झारखंड से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण सर्वाधिक प्रभावित हैं।
राहत‑बचाव अभियान तेज: अब तक सात ब्लॉकों की 46 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने 2,916 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और 17 राहत शिविर चालू किए हैं।
नदियों का जलस्तर घट रहा, पर खतरा बना: जल संसाधन विभाग के अनुसार सुवर्णरेखा और जलाका का जलस्तर धीरे‑धीरे घट रहा है, फिर भी राजघाट और मथानी में पानी अभी भी खतरे के निशान के करीब है।
जाजपुर व मयूरभंज में भी संकट: जाजपुर में बैतरणी नदी और मयूरभंज में सुवर्णरेखा‑बुधबलंग के बढ़े जलस्तर से कई इलाके बाढ़ग्रस्त हैं।
प्रशासन के मुताबिक लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित जिलों में अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी जा रही है। जिला कलेक्टरों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर खाद्य सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और अस्थायी आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।