ओडिया गायक ह्यूमन सागर का निधन: 34 साल की उम्र में थम गई मधुर आवाज
ओडिया फिल्म और संगीत जगत के प्रसिद्ध गायक ह्यूमन सागर अब इस दुनिया में नहीं रहे। कई दिनों से ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रहे ह्यूमन सागर ने सोमवार शाम 34 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर ने पूरे ओडिया मनोरंजन जगत को गहरे सदमे में डाल दिया। जिन सुरों ने लाखों दिलों को छुआ था, वे हमेशा के लिए खामोश हो गए।

AIIMS भुवनेश्वर में चल रहा था इलाज
डॉक्टरों के अनुसार ह्यूमन सागर की मौत मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम के कारण हुई।
उन्हें गंभीर हालत में AIIMS भुवनेश्वर लाया गया था।
जांच में पता चला कि वे एक्यूट-ऑन-क्रोनिक लिवर फेल्योर, बाइलेटरल न्यूमोनिया, और डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर परिस्थितियों से जूझ रहे थे।
तीन दिनों तक डॉक्टरों की कोशिश जारी रही, लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ती गई और सोमवार शाम उनकी मृत्यु हो गई। राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
गायक के निधन के बाद उनकी मां शेफाली ने ह्यूमन सागर के मैनेजर और इवेंट आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि उनकी खराब तबीयत के बावजूद उन्हें जबरदस्ती स्टेज पर परफॉर्म करने के लिए मजबूर किया गया।
उनके अनुसार, ह्यूमन सागर की हालत बेहद बिगड़ी हुई थी, फिर भी उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया।
संगीत जगत में अमिट छाप
ह्यूमन सागर की लोकप्रियता सिर्फ उनके गानों तक सीमित नहीं थी—वे लोगों की भावनाओं की आवाज़ थे।
उनकी शुरुआत फिल्म "इश्क तू ही तू" के टाइटल ट्रैक से हुई, जो सुपरहिट साबित हुआ।
इसके बाद उन्होंने
- ओडिया फिल्मों में सैकड़ों गाने,
- हिंदी एल्बम “मेरा ये जहां”,
- और निश्वासा, बेख़ुदी, तुमा ओठा तले, चेहरा जैसे सुपरहिट गाने
के जरिए एक खास पहचान बनाई।
उनकी आवाज में मौजूद दर्द और गहराई ने उन्हें हर घर का प्रिय बना दिया। आज उनकी खामोशी ने ओडिया संगीत जगत में एक गहरा खालीपन छोड़ दिया है।
ओडिया गायक ह्यूमन सागर का निधन: 34 साल की उम्र में थम गई मधुर आवाज
ओडिया फिल्म और संगीत जगत के प्रसिद्ध गायक ह्यूमन सागर अब इस दुनिया में नहीं रहे। कई दिनों से ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रहे ह्यूमन सागर ने सोमवार शाम 34 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर ने पूरे ओडिया मनोरंजन जगत को गहरे सदमे में डाल दिया। जिन सुरों ने लाखों दिलों को छुआ था, वे हमेशा के लिए खामोश हो गए।
AIIMS भुवनेश्वर में चल रहा था इलाज
डॉक्टरों के अनुसार ह्यूमन सागर की मौत मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम के कारण हुई।
उन्हें गंभीर हालत में AIIMS भुवनेश्वर लाया गया था।
जांच में पता चला कि वे एक्यूट-ऑन-क्रोनिक लिवर फेल्योर, बाइलेटरल न्यूमोनिया, और डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर परिस्थितियों से जूझ रहे थे।
तीन दिनों तक डॉक्टरों की कोशिश जारी रही, लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ती गई और सोमवार शाम उनकी मृत्यु हो गई। राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
गायक के निधन के बाद उनकी मां शेफाली ने ह्यूमन सागर के मैनेजर और इवेंट आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि उनकी खराब तबीयत के बावजूद उन्हें जबरदस्ती स्टेज पर परफॉर्म करने के लिए मजबूर किया गया।
उनके अनुसार, ह्यूमन सागर की हालत बेहद बिगड़ी हुई थी, फिर भी उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया।
संगीत जगत में अमिट छाप
ह्यूमन सागर की लोकप्रियता सिर्फ उनके गानों तक सीमित नहीं थी—वे लोगों की भावनाओं की आवाज़ थे।
उनकी शुरुआत फिल्म "इश्क तू ही तू" के टाइटल ट्रैक से हुई, जो सुपरहिट साबित हुआ।
इसके बाद उन्होंने
ओडिया फिल्मों में सैकड़ों गाने,
हिंदी एल्बम “मेरा ये जहां”,
और निश्वासा, बेख़ुदी, तुमा ओठा तले, चेहरा जैसे सुपरहिट गाने
के जरिए एक खास पहचान बनाई।
उनकी आवाज में मौजूद दर्द और गहराई ने उन्हें हर घर का प्रिय बना दिया। आज उनकी खामोशी ने ओडिया संगीत जगत में एक गहरा खालीपन छोड़ दिया है।