मोदी करेंगे अत्याधुनिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग फैसिलिटी कैंपस का उद्घाटन .
मोदी करेंगे अत्याधुनिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग फैसिलिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के बाहर बोइंग के सबसे बड़े बोइंग इंडिया के अत्याधुनिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग फैसिलिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे। ये कैंपस 43 एकड़ में फैला है, और 1600 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। बोइंग इंडिया का यह निवेश वैश्विक एयरोस्पेस, रक्षा उद्योग को मजबूती देने में मददगार साबित होगा।
पीएम मोदी बोइंग सुकन्या प्रोग्राम का भी उद्घाटन करेंगे। बोइंग सुकन्या आधी आबादी के लिए विमानन के क्षेत्र में अवसर देगा। बालिकाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान तक ले जाएगा। ये लड़कियां विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित जैसे विषयों में कौशल सीख पाएगी, और अपनी मंजिल की जुस्तजू में अपना कारवां बढ़ाएगी
बोइंग इंडिया का भारत के साथ 80 साल पुराना दोस्ताना है, ये दोस्ताना रक्षा से लेकर उड्डयन क्षेत्र और व्यापार को आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ाया है। खासकर बोइंग इंडिया की इस पहल ने न केवल नागरिक उड्डयन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है, बल्कि एक संदेश भी दिया है की बात अगर उड्डयन क्षेत्र की होगी तो पूरी दुनिया की नजर भारत पर होगी।
मोदी करेंगे अत्याधुनिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग फैसिलिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के बाहर बोइंग के सबसे बड़े बोइंग इंडिया के अत्याधुनिक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग फैसिलिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे। ये कैंपस 43 एकड़ में फैला है, और 1600 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। बोइंग इंडिया का यह निवेश वैश्विक एयरोस्पेस, रक्षा उद्योग को मजबूती देने में मददगार साबित होगा।
पीएम मोदी बोइंग सुकन्या प्रोग्राम का भी उद्घाटन करेंगे। बोइंग सुकन्या आधी आबादी के लिए विमानन के क्षेत्र में अवसर देगा। बालिकाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान तक ले जाएगा। ये लड़कियां विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित जैसे विषयों में कौशल सीख पाएगी, और अपनी मंजिल की जुस्तजू में अपना कारवां बढ़ाएगी
बोइंग इंडिया का भारत के साथ 80 साल पुराना दोस्ताना है, ये दोस्ताना रक्षा से लेकर उड्डयन क्षेत्र और व्यापार को आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ाया है। खासकर बोइंग इंडिया की इस पहल ने न केवल नागरिक उड्डयन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है, बल्कि एक संदेश भी दिया है की बात अगर उड्डयन क्षेत्र की होगी तो पूरी दुनिया की नजर भारत पर होगी।