म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर का दमदार बयान: "लोकतंत्र पर कोई संकट नहीं".
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर का दमदार बयान: "लोकतंत्र पर कोई संकट नहीं"
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में शिरकत की। इस मंच पर उनसे लोकतंत्र को लेकर सवाल किया गया, जिसका उन्होंने बेहद प्रभावशाली तरीके से जवाब दिया।

भारत का लोकतंत्र सबसे मजबूत – जयशंकर
जयशंकर ने भारत में हाल ही में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कहा,
“मेरे राज्य में हाल ही में चुनाव हुआ, और पिछले साल हमने राष्ट्रीय स्तर पर मतदान किया। भारत में लगभग 900 मिलियन मतदाताओं में से 700 मिलियन ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।”
“हमारी मतगणना मात्र एक दिन में पूरी होती है, और किसी ने भी चुनाव परिणामों पर सवाल नहीं उठाया।"
"आधुनिक युग में, जब से हमने मतदान शुरू किया है, तब से 20% अधिक लोग वोट कर रहे हैं, जो हमारे लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।”
"लोकतंत्र संकट में है" – इस धारणा से असहमति
जयशंकर ने वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र के खतरे में होने की बातों को खारिज करते हुए कहा,
"मैं इससे पूरी तरह असहमत हूं कि लोकतंत्र संकट में है। हम अच्छे से रह रहे हैं, अच्छे से वोट कर रहे हैं और अपने लोकतंत्र के प्रति आशावान हैं।"
सुरक्षा सम्मेलन में अहम मुलाकातें
कॉन्फ्रेंस से इतर जयशंकर ने कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं से भी मुलाकात की:
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंद्री सिबिहा से बातचीत
बवेरिया के राष्ट्रपति मार्कस सोडर से मुलाकात
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस से चर्चा
इस सम्मेलन में जयशंकर का भाषण भारत के लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाने वाला रहा, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हुई।
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में जयशंकर का दमदार बयान: "लोकतंत्र पर कोई संकट नहीं"
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में शिरकत की। इस मंच पर उनसे लोकतंत्र को लेकर सवाल किया गया, जिसका उन्होंने बेहद प्रभावशाली तरीके से जवाब दिया।
भारत का लोकतंत्र सबसे मजबूत – जयशंकर
जयशंकर ने भारत में हाल ही में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कहा,
“मेरे राज्य में हाल ही में चुनाव हुआ, और पिछले साल हमने राष्ट्रीय स्तर पर मतदान किया। भारत में लगभग 900 मिलियन मतदाताओं में से 700 मिलियन ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।”
“हमारी मतगणना मात्र एक दिन में पूरी होती है, और किसी ने भी चुनाव परिणामों पर सवाल नहीं उठाया।"
"आधुनिक युग में, जब से हमने मतदान शुरू किया है, तब से 20% अधिक लोग वोट कर रहे हैं, जो हमारे लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।”
"लोकतंत्र संकट में है" – इस धारणा से असहमति
जयशंकर ने वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र के खतरे में होने की बातों को खारिज करते हुए कहा,
"मैं इससे पूरी तरह असहमत हूं कि लोकतंत्र संकट में है। हम अच्छे से रह रहे हैं, अच्छे से वोट कर रहे हैं और अपने लोकतंत्र के प्रति आशावान हैं।"
सुरक्षा सम्मेलन में अहम मुलाकातें
कॉन्फ्रेंस से इतर जयशंकर ने कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं से भी मुलाकात की:
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंद्री सिबिहा से बातचीत
बवेरिया के राष्ट्रपति मार्कस सोडर से मुलाकात
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस से चर्चा
इस सम्मेलन में जयशंकर का भाषण भारत के लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाने वाला रहा, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हुई।