लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित: सरकार का निर्णय.
लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित: सरकार का निर्णय
सरकार ने जनवरी-मार्च 2025 तिमाही के लिए पीपीएफ, एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना समेत अन्य लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार चौथी तिमाही है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2025 तक इन योजनाओं पर वही ब्याज दरें लागू रहेंगी जो अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही के लिए अधिसूचित की गई थीं।

मुख्य ब्याज दरें
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सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2%
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पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF): 7.1%
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डाकघर बचत जमा योजना: 4%
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किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% (परिपक्वता: 115 महीने)
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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): 7.7%
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तीन साल की सावधि जमा योजना: 7.1%
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मासिक आय योजना: 7.4%
पिछली बार ब्याज दरों में बदलाव
सरकार ने पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कुछ योजनाओं की ब्याज दरों को संशोधित किया था। हालांकि, इसके बाद से चार लगातार तिमाहियों में दरों को स्थिर रखा गया है।
प्रभाव और जानकारी
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यह निर्णय उन निवेशकों को स्थिरता प्रदान करता है जो इन योजनाओं में नियमित रूप से निवेश करते हैं।
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लघु बचत योजनाएं बैंकों और डाकघरों द्वारा संचालित की जाती हैं, और सरकार प्रत्येक तिमाही में इनकी ब्याज दरों की अधिसूचना जारी करती है।
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यह कदम बाजार की वर्तमान स्थिति और मुद्रास्फीति की दर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित: सरकार का निर्णय
सरकार ने जनवरी-मार्च 2025 तिमाही के लिए पीपीएफ, एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना समेत अन्य लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार चौथी तिमाही है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2025 तक इन योजनाओं पर वही ब्याज दरें लागू रहेंगी जो अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही के लिए अधिसूचित की गई थीं।
मुख्य ब्याज दरें
सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2%
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF): 7.1%
डाकघर बचत जमा योजना: 4%
किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% (परिपक्वता: 115 महीने)
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): 7.7%
तीन साल की सावधि जमा योजना: 7.1%
मासिक आय योजना: 7.4%
पिछली बार ब्याज दरों में बदलाव
सरकार ने पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कुछ योजनाओं की ब्याज दरों को संशोधित किया था। हालांकि, इसके बाद से चार लगातार तिमाहियों में दरों को स्थिर रखा गया है।
प्रभाव और जानकारी
यह निर्णय उन निवेशकों को स्थिरता प्रदान करता है जो इन योजनाओं में नियमित रूप से निवेश करते हैं।
लघु बचत योजनाएं बैंकों और डाकघरों द्वारा संचालित की जाती हैं, और सरकार प्रत्येक तिमाही में इनकी ब्याज दरों की अधिसूचना जारी करती है।
यह कदम बाजार की वर्तमान स्थिति और मुद्रास्फीति की दर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।