बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा के बीच भारतीय विदेश सचिव का दौरा.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा के बीच भारतीय विदेश सचिव का दौरा
बांग्लादेश में हालिया हिंसा और अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं और इस्कॉन को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच भारतीय विदेश सचिव 9 दिसंबर को पड़ोसी देश का दौरा करेंगे।जुलाई-अगस्त 2023 के दौरान बांग्लादेश में हिंसा में वृद्धि देखी गई, जिसमें शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अल्पसंख्यकों और पूर्व सरकार के प्रतिनिधियों को निशाना बनाया गया।हिंसा की इन घटनाओं के बाद भारत ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से सभी नागरिकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव अपनी यात्रा के दौरान बांग्लादेश के अपने समकक्ष से मुलाकात करेंगे।इस दौरे के तहत भारत और बांग्लादेश के बीच विदेश कार्यालय परामर्श नामक एक संरचित संवाद भी आयोजित किया जाएगा।इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और वर्तमान हालात पर चर्चा करना है।इस दौरे को भारत-बांग्लादेश के कूटनीतिक और सामरिक संबंधों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।भारत का उद्देश्य बांग्लादेश में स्थिरता बनाए रखना और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।भारत-बांग्लादेश संबंधों के इस संवेदनशील समय में यह दौरा क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा के बीच भारतीय विदेश सचिव का दौरा
बांग्लादेश में हालिया हिंसा और अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं और इस्कॉन को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच भारतीय विदेश सचिव 9 दिसंबर को पड़ोसी देश का दौरा करेंगे।जुलाई-अगस्त 2023 के दौरान बांग्लादेश में हिंसा में वृद्धि देखी गई, जिसमें शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अल्पसंख्यकों और पूर्व सरकार के प्रतिनिधियों को निशाना बनाया गया।हिंसा की इन घटनाओं के बाद भारत ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से सभी नागरिकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव अपनी यात्रा के दौरान बांग्लादेश के अपने समकक्ष से मुलाकात करेंगे।इस दौरे के तहत भारत और बांग्लादेश के बीच विदेश कार्यालय परामर्श नामक एक संरचित संवाद भी आयोजित किया जाएगा।इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और वर्तमान हालात पर चर्चा करना है।इस दौरे को भारत-बांग्लादेश के कूटनीतिक और सामरिक संबंधों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।भारत का उद्देश्य बांग्लादेश में स्थिरता बनाए रखना और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।भारत-बांग्लादेश संबंधों के इस संवेदनशील समय में यह दौरा क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।