अब नहीं ले सकेंगे होटल और इवेंट आयोजक आपका आधार कार्ड की फोटोकॉपी—UIDAI का बड़ा कदम, डिजिटल वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य
होटल, कार्यक्रम आयोजकों और इसी तरह की संस्थाओं द्वारा ग्राहकों से आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेना अब जल्द ही बंद हो जाएगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि यह प्रथा आधार अधिनियम का उल्लंघन है और इसे रोकने के लिए नया नियम लागू किया जा रहा है।

UIDAI के मुताबिक आधार-आधारित सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य करने वाला नया नियम मंजूर कर लिया गया है। इसका उद्देश्य कागज-आधारित सत्यापन को हतोत्साहित करना और इसे सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में बदलना है।
नए नियम के तहत:
- होटल, इवेंट आयोजक जैसी संस्थाएं QR कोड स्कैन या नए आने वाले आधार ऐप के जरिए व्यक्ति की पहचान का डिजिटल सत्यापन कर सकेंगी।
- संस्थाओं को API एक्सेस दी जाएगी, जिससे वे अपने सिस्टम को आधार वेरिफिकेशन के लिए अपडेट कर सकेंगी।
- UIDAI एक नया ऐप भी बीटा परीक्षण में चला रहा है, जो ऐप-टू-ऐप वेरिफिकेशन सक्षम करेगा, बिना केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ने की आवश्यकता के।
यह नया ऐप हवाई अड्डों, दुकानों और ऐसे स्थानों पर भी उपयोग किया जा सकेगा जहां उम्र के आधार पर सत्यापन जरूरी होता है। इस प्रक्रिया से उपयोगकर्ता डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित होगी और आधार संबंधी जानकारी के लीक होने का जोखिम लगभग समाप्त हो जाएगा।
डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन कानून के अनुरूप यह नई व्यवस्था अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू की जाएगी। नया ऐप उपयोगकर्ताओं को पते से जुड़े दस्तावेज अपडेट करने और ऐसे परिवार सदस्यों को जोड़ने की सुविधा भी देगा जिनके पास स्वयं का मोबाइल फोन नहीं है।
UIDAI का यह कदम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और आधार के सुरक्षित उपयोग को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
अब नहीं ले सकेंगे होटल और इवेंट आयोजक आपका आधार कार्ड की फोटोकॉपी—UIDAI का बड़ा कदम, डिजिटल वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य
होटल, कार्यक्रम आयोजकों और इसी तरह की संस्थाओं द्वारा ग्राहकों से आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेना अब जल्द ही बंद हो जाएगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि यह प्रथा आधार अधिनियम का उल्लंघन है और इसे रोकने के लिए नया नियम लागू किया जा रहा है।
UIDAI के मुताबिक आधार-आधारित सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य करने वाला नया नियम मंजूर कर लिया गया है। इसका उद्देश्य कागज-आधारित सत्यापन को हतोत्साहित करना और इसे सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में बदलना है।
नए नियम के तहत:
होटल, इवेंट आयोजक जैसी संस्थाएं QR कोड स्कैन या नए आने वाले आधार ऐप के जरिए व्यक्ति की पहचान का डिजिटल सत्यापन कर सकेंगी।
संस्थाओं को API एक्सेस दी जाएगी, जिससे वे अपने सिस्टम को आधार वेरिफिकेशन के लिए अपडेट कर सकेंगी।
UIDAI एक नया ऐप भी बीटा परीक्षण में चला रहा है, जो ऐप-टू-ऐप वेरिफिकेशन सक्षम करेगा, बिना केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ने की आवश्यकता के।
यह नया ऐप हवाई अड्डों, दुकानों और ऐसे स्थानों पर भी उपयोग किया जा सकेगा जहां उम्र के आधार पर सत्यापन जरूरी होता है। इस प्रक्रिया से उपयोगकर्ता डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित होगी और आधार संबंधी जानकारी के लीक होने का जोखिम लगभग समाप्त हो जाएगा।
डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन कानून के अनुरूप यह नई व्यवस्था अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू की जाएगी। नया ऐप उपयोगकर्ताओं को पते से जुड़े दस्तावेज अपडेट करने और ऐसे परिवार सदस्यों को जोड़ने की सुविधा भी देगा जिनके पास स्वयं का मोबाइल फोन नहीं है।
UIDAI का यह कदम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और आधार के सुरक्षित उपयोग को नई दिशा देने वाला साबित होगा।