राज्यसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह-पहले आतंकी हमलों का जवाब नहीं देते थे, हमने पाकिस्तान में घुसकर मारा.
नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को संसद के बजट सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने अपने मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा क पहले सरकार आतंकी हमलों का जवाब नहीं देती थी, लेकिन जब से हमारी सरकार आई है, हमने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को मारा है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद उरी और पुलवामा में हमले हुए। हालांकि, 10 दिनों के भीतर ही भारत ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके मुंहतोड़ जवाब दिया। केवल दो देश, अमेरिका और इजराइल ही अपनी सुरक्षा और सीमाओं के लिए खड़े होते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को भी इस सूची में शामिल कर लिया।
उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि पैदल यात्रा निकाली, कश्मीर तक गए। अपने कार्यकर्ताओं के साथ बर्फ की होली खेली और कहा कि दूर से आतंकवादी दिखाई पड़ा था। अरे भाई, जिनकी नजर में आतंकवादी है, तो आपको सपने में भी आएगा और आपको कश्मीर में भी दिखाई पड़ेगा। गृह मंत्री शाह ने कहा कि हम तो आतंकवादी देखते ही सीधा दो आंखों के बीच में गोली मारते हैं। हमारी सरकार न आतंकवाद को सह सकती है और न ही आतंकवादियों को। ये हिसाब मांगते हैं कि 370 हटाने का क्या परिणाम हुआ। हिसाब तो उनको दिया जाता है, नजारा तो उनको दिखाया जाता है, जिनकी नजरें साफ हों, जो काला चश्मा पहन कर, आंखें मूंद कर बैठे हैं, उनको विकास नहीं दिखा सकते हैं।
पूर्वोत्तर का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि हम पूर्वोत्तर की समस्या को भी समाप्त करने के कगार पर हैं। वहां पर भी हिंसक घटनाओं में 70 फीसदी की कमी, हताहत सुरक्षाबलों में 72 फीसदी की कमी और हताहत नागरिकों की संख्या में 85 फीसदी की कमी आई है। हमारी सरकार आने के बाद हमने सभी हथियारबंद समूहों से बातचीत की। 2019 से लेकर अब तक 12 महत्वपूर्ण शांति समझौते किए।
कश्मीर में पर्यटन को दिया बढ़ावा
अमित शाह ने कहा कि हमने कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा दिया। कश्मीर में बंद पडे़ सिनेमा हॉल को खोले। पठानकोट के नाका परमिट को हमने समाप्त किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों का रवैया ढीला था। पिछले 10 साल में सुरक्षा और मजबूत हुई। हमने सुरक्षाबलों का आत्मविश्वास बढ़ाया. गृह मंत्रालय में आवश्यक बदलाव किए। अमित शाह ने आगे कहा कि मैं अपने संविधान निर्माताओं को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को अस्थायी बनाया और उसी अनुच्छेद के भीतर इसे हटाने का समाधान प्रदान किया।