अहमदाबाद विमान हादसे की रिपोर्ट पर बोले नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू- प्रारंभिक रिपोर्ट पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा.
नई दिल्ली। अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे की रिपोर्ट पर नागरिक उड्डन मंत्री ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये एक शुरुआती जांच रिपोर्ट है। एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट आने तक कोई भी आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 12 जून को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे विमान में सवार 241 लोगों के साथ कुल 270 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले की जांच कर रही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट पर नायडू ने कहा कि रिपोर्ट फिलहाल प्रारंभिक स्तर की है और मंत्रालय इसमें सामने आई बातों का विश्लेषण कर रहा है। एएआईबी एक स्वतंत्र संस्था है और हम उन्हें हर संभव सहयोग दे रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अंतिम रिपोर्ट जल्द आएगी ताकि हम किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंच सकें।
हमारे पास दुनिया के बेहतरीन पायलट
राम मोहन नायडू ने भारतीय विमानन क्षेत्र के पायलटों और क्रू की तारीफ करते हुए कहा कि मैं पूरी तरह से मानता हूं कि हमारे पास दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलट और क्रू हैं। ये हमारी एविएशन इंडस्ट्री की रीढ़ हैं। इसके साथ ही मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि उड्डयन सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
तथ्यों की पुष्टि के बाद अंतिम रिपोर्ट
इधर, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि यह सिर्फ प्रारंभिक रिपोर्ट है, अंतिम नहीं। जब तक फाइनल रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि एएआईबी एक स्वतंत्र संस्था है, मंत्रालय उनके काम में हस्तक्षेप नहीं करता। यह रिपोर्ट एक शुरुआती जांच का हिस्सा है, और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम रिपोर्ट आएगी।
शाहनवाज हुसैन ने रिपोर्ट पर जताई चिन्ता
इस रिपोर्ट पर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है और कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट इस बात को उजागर करती है कि विमान के इंजन को ईंधन नहीं मिल रहा था। यह बहुत गंभीर और चिंताजनक बात है, और इससे कई स्तरों की जांच की जरूरत सामने आती है।