देश में होगी जातीय जनगणना, मोदी कैबिनेट की बैठक में फैसला, मेघालय से असम तक नए हाइवे को भी मंजूरी.
नई दिल्ली। मोदी सरकार देश में जातीय जनगणना करवाने जा रही है। बुधवार को मोदी कैबिनेट की मीटिंग में इसकी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही किसानों से जुड़े कई फैसले भी लिए गए। कई विपक्षी दल लगातार जातीय जनगणना की मांग करते आ रहे हैं और इसको लेकर सरकार पर निशाना साधते थे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग में सरकार के जातीय जनगणना वाले फैसले की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने जाति जनगणना का विरोध किया है। 1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं की है। कांग्रेस ने जाति जनगणना की जगह जाति सर्वे कराया। यूपीए सरकार में कई राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जाति सर्वे किया है। उन्होंने कहा कि जाति की जनगणना मूल जनगणना में ही सम्मिलित होना चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट ने फैसला किया है कि जाति की जनगणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित करके किया जाए। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने सिर्फ अपनी लाभ तक के लिए सीमित रखा है। वैष्णव ने बताया कि मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि शिलॉन्ग से सिल्वर कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। सरकार ने मेघालय से असम तक नए हाइवे को मंजूरी दी है, जो 166.8 किलोमीटर लंबा 4 लाइन हाइवे होगा।