भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले को मिला तोहफा, आसिम मुनीर बने पाकिस्तान के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स.
नई दिल्ली। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को गुरुवार 27 नवंबर को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (सीडीएफ) का पद सौंप दिया गया है। पाकिस्तानी संविधान में 27वें अमेंडमेंट के जरिए यह पद बनाया गया था। इसके तहत अब आसिम मुनीर अगले पांच साल के लिए तीनों सेनाओं यानी आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के प्रमुख रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि 1 नवंबर 2025 को पाकिस्तानी संसद से पारित इन संशोधनों ने तीनों सेनाओं की सबसे वरिष्ठ भूमिका ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के पद को समाप्त कर दिया था। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने 1976 में इस पद को बनाया था। वर्तमान CJCSC जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के 27 नवंबर 2025 को रिटायर होने के साथ ही पाकिस्तान के रक्षा ढांचे में यह पद समाप्त हो गया। 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के बाद से यहां नागरिक और सैन्य शासन के बीच उतार-चढ़ाव होता रहा है। पाकिस्तान पर शासन करने वाले अंतिम सैन्य नेता परवेज मुशर्रफ थे, जिन्होंने 1999 में तख्तापलट के जरिए सत्ता हासिल की थी।आसिम मुनीर को तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ-साथ न्यूक्लियर वेपन सिस्टम का प्रभारी बना दिया गया है। तीनों सेनाओं का ओवरऑल कंट्रोल भी राष्ट्रपति और मंत्रिमंडल से हटाकर सीडीएफ को सौंप दिया गया है। रक्षा बलों के प्रमुख के रूप में आसिम मुनीर के कार्यकाल की समय-सीमा भी फिर से निर्धारित कर दी गई है। संविधान संशोधनों के तहत उनका कार्यकाल कम से कम 2030 तक बढ़ा दिया गया है। वह 27 नवंबर को रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब उसका कार्यकाल 2030 तक अपने नए पद पर बने रहेंगे। इन बदलावों ने मुनीर को देश के राष्ट्रपति के बराबर कानूनी सुरक्षा भी प्रदान की। राष्ट्रपति की तरह फील्ड मार्शल को भी किसी भी कानूनी मुकदमे से आजीवन छूट दी जाएगी। यह सुरक्षा वायु सेना और नौसेना प्रमुखों को भी दी गई है।