वैश्विक व्यवस्था जिस तरह के खतरे से गुजर रही है वैसी शीत युद्ध के बाद से नहीं देखी .
वैश्विक व्यवस्था जिस तरह के खतरे से गुजर रही है वैसी शीत युद्ध के बाद से नहीं देखी
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और यूके की MI 6 के निदेशक ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था जिस तरह के खतरे से अभी गुजर रही है वैसी हमने शीत युद्ध के बाद से नहीं देखी है.दोनों ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इसराइल और हमास के बीच चल रही जंग का जिक्र करते हुए ये बात कही है.

सर रिचर्ड मूर और विलियम बर्न्स ने फाइनेंशियल टाइम्स में लिखे आर्टिकल में कहा,' इसको लेकर कोई संदेह नहीं है कि संतुलित वैश्विक व्यवस्था ने शांति, स्थिरता, जीवन स्तर में वृद्धि, समृद्धि और अवसर पैदा किए हैं. लेकिन अब ये एक तरह से खतरे में है. ऐसा हमने शीत युद्ध के बाद से नहीं देखा है.
रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 से चल रहा है. वहीं,हमास ने दक्षिण इसराइल पर सात अक्टूबर को हमला किया था और इसके बाद से जंग हो रही है.
वैश्विक व्यवस्था जिस तरह के खतरे से गुजर रही है वैसी शीत युद्ध के बाद से नहीं देखी
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और यूके की MI 6 के निदेशक ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था जिस तरह के खतरे से अभी गुजर रही है वैसी हमने शीत युद्ध के बाद से नहीं देखी है.दोनों ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इसराइल और हमास के बीच चल रही जंग का जिक्र करते हुए ये बात कही है.
सर रिचर्ड मूर और विलियम बर्न्स ने फाइनेंशियल टाइम्स में लिखे आर्टिकल में कहा,' इसको लेकर कोई संदेह नहीं है कि संतुलित वैश्विक व्यवस्था ने शांति, स्थिरता, जीवन स्तर में वृद्धि, समृद्धि और अवसर पैदा किए हैं. लेकिन अब ये एक तरह से खतरे में है. ऐसा हमने शीत युद्ध के बाद से नहीं देखा है.
रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 से चल रहा है. वहीं,हमास ने दक्षिण इसराइल पर सात अक्टूबर को हमला किया था और इसके बाद से जंग हो रही है.