ऑपरेशन सिंदूर में भारत से बुरी तरह मात खाए पाकिस्तानी सेना प्रमुख का प्रमोशन, फील्ड मार्शल बनाया.
नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में बुरी तरह मात खाए पाकिस्तानी सेना प्रमुख को पाकिस्तान ने प्रमोशन दे दिया है। अब मुनीर फील्ड मार्शल बना दिए गए हैं। यह फैसला पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में संघीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
प्रमोशन के बाद अब जनरल अयूब खान के बाद असीम मुनीर पाकिस्तान के दूसरे फील्ड मार्शल बन गए हैं। असीम मुनीर को यह उपाधि कैबिनेट की मंजूरी से दी गई है और जनरल अयूब खान ने खुद को फील्ड मार्शल घोषित कर दिया था। पहलगाम हमले के पहले ही असीम मुनीर अपने विवादस्पद बयानों के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि हिंदू और मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते। हमारे पूर्वजों ने सोचा था कि हम हिंदुओं से अलग हैं, हमारे विचार, धर्म और परंपराएं अलग हैं। यही दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव है। मुनीर ने कहा था कि पाकिस्तान की हर पीढ़ी ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया है और आने वाली पीढ़ियों को भी पाकिस्तान की असलियत समझनी चाहिए।
लाज बचाने के लिए दिया प्रमोशन
असीम मुनीर के प्रमोशन पर यही कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने अपनी लाज बचाने के लिए यह फैसला लिया है। पहलगाम हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर में वे बुरी तरह फेल रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से किए गए सारे हमले भारत ने नाकाम कर दिए थे। इस तरह से वे पाकिस्तान के सबसे अयोग्य सेना प्रमुख हैं, लेकिन उन्हें प्रमोशन देकर पाकिस्तान ने सिर्फ अपनी नाक ऊंची करने की कोशिश की है।
नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में बुरी तरह मात खाए पाकिस्तानी सेना प्रमुख को पाकिस्तान ने प्रमोशन दे दिया है। अब मुनीर फील्ड मार्शल बना दिए गए हैं। यह फैसला पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में संघीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
प्रमोशन के बाद अब जनरल अयूब खान के बाद असीम मुनीर पाकिस्तान के दूसरे फील्ड मार्शल बन गए हैं। असीम मुनीर को यह उपाधि कैबिनेट की मंजूरी से दी गई है और जनरल अयूब खान ने खुद को फील्ड मार्शल घोषित कर दिया था। पहलगाम हमले के पहले ही असीम मुनीर अपने विवादस्पद बयानों के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि हिंदू और मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते। हमारे पूर्वजों ने सोचा था कि हम हिंदुओं से अलग हैं, हमारे विचार, धर्म और परंपराएं अलग हैं। यही दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव है। मुनीर ने कहा था कि पाकिस्तान की हर पीढ़ी ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया है और आने वाली पीढ़ियों को भी पाकिस्तान की असलियत समझनी चाहिए।
लाज बचाने के लिए दिया प्रमोशन
असीम मुनीर के प्रमोशन पर यही कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने अपनी लाज बचाने के लिए यह फैसला लिया है। पहलगाम हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर में वे बुरी तरह फेल रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से किए गए सारे हमले भारत ने नाकाम कर दिए थे। इस तरह से वे पाकिस्तान के सबसे अयोग्य सेना प्रमुख हैं, लेकिन उन्हें प्रमोशन देकर पाकिस्तान ने सिर्फ अपनी नाक ऊंची करने की कोशिश की है।