पोप लियो का पहला संबोधन: "अब और युद्ध नहीं", दुनिया से शांति की अपील.
पोप लियो का पहला संबोधन: "अब और युद्ध नहीं", दुनिया से शांति की अपील
कैथोलिक ईसाइयों के नए धर्मगुरु पोप लियो ने वेटिकन सिटी से अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में विश्व के शक्तिशाली देशों से शांति की अपील की और कहा, “अब और युद्ध नहीं।”

पोप फ़्रांसिस के निधन के बाद कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च पद पर चुने गए पोप लियो ने अपने उद्बोधन में यूक्रेन, ग़ज़ा और भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्षों का ज़िक्र करते हुए विश्व में शांति की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
उन्होंने ग़ज़ा में हो रही घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया और वहां युद्धविराम की तत्काल आवश्यकता बताई। इसके साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्षविराम का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौते की आशा जताई।
यूक्रेन को लेकर पोप लियो ने एक "सच्ची, वास्तविक और टिकाऊ शांति" की कामना की और दुनिया से आग्रह किया कि वह युद्ध की बजाय संवाद और मेल-मिलाप का रास्ता अपनाए।
अपने संदेश में उन्होंने कहा, “दूसरे विश्व युद्ध को समाप्त हुए 80 साल हो चुके हैं, लेकिन अब भी दुनिया के कई हिस्सों में हम तीसरे विश्व युद्ध की त्रासदी के छोटे-छोटे टुकड़ों का सामना कर रहे हैं।”
पोप लियो की यह अपील पोप फ़्रांसिस की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शांति और मानवता के पक्ष में एक नई आवाज़ बनकर सामने आई है।