मुझे जीताने के लिए धांधली की गई ,बोलकर पाकिस्तान के नेता ने छोड़ी सीट .
मुझे जीताने के लिए धांधली की गई ,बोलकर पाकिस्तान के नेता ने छोड़ी सीट
पाकिस्तान के नेता ने दिया सच का साथ दिया ,जीत के बावजूद उन्होंने अपनी सीट यह कह कर छोड़ी दी कि उन्हें जिताने के लिए धांधली की गई थी. हाफिज नईम उर रहमान ने जीत के बाद सीट छोड़ने का ऐलान किया है.

जमीयत-ए-इस्लामी के हाफिज नईम उर रहमान को प्रांतीय विधानसभा की सीट नंबर पीएस-129 से विजेता घोषित किया गया था. ये सीट कराची शहर में पड़ती है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के समर्थन से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार ने उनसे कहीं ज़्यादा वोट हासिल किए थे लेकिन बाद में उस उम्मीदवार के कुल मतों की संख्या को कम कर दिया गया था.

इतना ही नहीं, हाफिज नईम उर रहमान ने इसके बाद सीट छोड़ने का ऐलान कर दिया. हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने सोमवार को अपनी पार्टी के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर कोई हमें अवैध तरीके से जीताना चाहता है तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, जनता की राय का सम्मान किया जाना चाहिए. विजेता को जीतने दिया जाए और पराजित उम्मीदवार को हारने दिया जाए. किसी को कुछ भी ज़्यादा नहीं मिलना चाहिए. हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने बताया कि उन्हें 26 हज़ार से अधिक वोट मिले थे जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार सैफ़ बारी को 31 हज़ार वोट मिले थे. बाद में पीटीआई समर्थित उम्मीदवार सैफ़ बारी के हिस्से में 11 हज़ार वोट ही दिखाए गए.

पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने हाफिज नईम उर रहमान के लगाए आरोपों को खारिज किया है. लेकिन इस घटना से पाकिस्तान के चुनावों की निष्पक्षता को लेकर उठी शंका को बल मिला है
मुझे जीताने के लिए धांधली की गई ,बोलकर पाकिस्तान के नेता ने छोड़ी सीट
पाकिस्तान के नेता ने दिया सच का साथ दिया ,जीत के बावजूद उन्होंने अपनी सीट यह कह कर छोड़ी दी कि उन्हें जिताने के लिए धांधली की गई थी. हाफिज नईम उर रहमान ने जीत के बाद सीट छोड़ने का ऐलान किया है.
जमीयत-ए-इस्लामी के हाफिज नईम उर रहमान को प्रांतीय विधानसभा की सीट नंबर पीएस-129 से विजेता घोषित किया गया था. ये सीट कराची शहर में पड़ती है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के समर्थन से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार ने उनसे कहीं ज़्यादा वोट हासिल किए थे लेकिन बाद में उस उम्मीदवार के कुल मतों की संख्या को कम कर दिया गया था.
इतना ही नहीं, हाफिज नईम उर रहमान ने इसके बाद सीट छोड़ने का ऐलान कर दिया. हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने सोमवार को अपनी पार्टी के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर कोई हमें अवैध तरीके से जीताना चाहता है तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, जनता की राय का सम्मान किया जाना चाहिए. विजेता को जीतने दिया जाए और पराजित उम्मीदवार को हारने दिया जाए. किसी को कुछ भी ज़्यादा नहीं मिलना चाहिए. हाफ़िज़ नईम उर रहमान ने बताया कि उन्हें 26 हज़ार से अधिक वोट मिले थे जबकि स्वतंत्र उम्मीदवार सैफ़ बारी को 31 हज़ार वोट मिले थे. बाद में पीटीआई समर्थित उम्मीदवार सैफ़ बारी के हिस्से में 11 हज़ार वोट ही दिखाए गए.
पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने हाफिज नईम उर रहमान के लगाए आरोपों को खारिज किया है. लेकिन इस घटना से पाकिस्तान के चुनावों की निष्पक्षता को लेकर उठी शंका को बल मिला है