रूस-यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका का यू-टर्न: यूरोप से बढ़ते मतभेद.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका का यू-टर्न: यूरोप से बढ़ते मतभेद
संयुक्त राष्ट्र में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए लाए गए तीन प्रस्तावों पर मतदान में अमेरिका ने यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ कदम उठाया है। अमेरिका ने न सिर्फ यूक्रेन समर्थित प्रस्ताव का विरोध किया, बल्कि रूस को सीधे दोषी ठहराने से भी इनकार कर दिया।
यूक्रेन पर बढ़ता अमेरिकी दबाव
अब तक यूक्रेन का समर्थन कर रहा अमेरिका अब रुख बदलता दिख रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने यूक्रेन से आग्रह किया कि वह संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए उस प्रस्ताव को वापस ले, जिसमें रूसी सेना की तत्काल वापसी की मांग की गई थी।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और यूरोप आमने-सामने
15-सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जब रूस की आक्रामकता की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर मतदान हुआ, तो 10 देशों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि फ्रांस समेत 5 देशों ने मतदान से परहेज किया।
अमेरिका का अलग प्रस्ताव और यूरोप का असहमति
इसके बाद, अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने की अपील वाला एक प्रस्ताव पेश किया, लेकिन इसमें रूस को आक्रमणकारी नहीं बताया गया। जब फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने इसमें संशोधन कर रूस की निंदा जोड़ने की कोशिश की, तो अमेरिका ने मतदान से दूरी बना ली।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई जटिलताएं
इस घटनाक्रम से साफ है कि अमेरिका और यूरोप के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। अमेरिका अब रूस को खुलकर दोष देने से बच रहा है, जिससे वैश्विक कूटनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका का यू-टर्न: यूरोप से बढ़ते मतभेद
संयुक्त राष्ट्र में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए लाए गए तीन प्रस्तावों पर मतदान में अमेरिका ने यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ कदम उठाया है। अमेरिका ने न सिर्फ यूक्रेन समर्थित प्रस्ताव का विरोध किया, बल्कि रूस को सीधे दोषी ठहराने से भी इनकार कर दिया।
यूक्रेन पर बढ़ता अमेरिकी दबाव
अब तक यूक्रेन का समर्थन कर रहा अमेरिका अब रुख बदलता दिख रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने यूक्रेन से आग्रह किया कि वह संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए उस प्रस्ताव को वापस ले, जिसमें रूसी सेना की तत्काल वापसी की मांग की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और यूरोप आमने-सामने
15-सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जब रूस की आक्रामकता की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर मतदान हुआ, तो 10 देशों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि फ्रांस समेत 5 देशों ने मतदान से परहेज किया।
अमेरिका का अलग प्रस्ताव और यूरोप का असहमति
इसके बाद, अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने की अपील वाला एक प्रस्ताव पेश किया, लेकिन इसमें रूस को आक्रमणकारी नहीं बताया गया। जब फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने इसमें संशोधन कर रूस की निंदा जोड़ने की कोशिश की, तो अमेरिका ने मतदान से दूरी बना ली।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई जटिलताएं
इस घटनाक्रम से साफ है कि अमेरिका और यूरोप के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। अमेरिका अब रूस को खुलकर दोष देने से बच रहा है, जिससे वैश्विक कूटनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।