इंदौर के गंदे पानी मामले में सीएम ने दिखाया अपना रौद्र रूप, नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटाया, अपर आयुक्त सिसोनिया और अधीक्षण यंत्री श्रीवास्तव निलंबित.
इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से मौतों के मामले में सीएम डॉ.मोहन यादव ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है। देर शाम नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटा दिया गया है। इसके साथ ही अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है।
सीएम मोहन यादव ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा है कि इस घटना के मामले में सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इससे पहले सीएम यादव ने आज दोपहर में भी एक्शन लिया था। सीएम यादव ने घटना को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था कि आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। उन्होंने आगे लिखा कि इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निगम में जितने भी जरूरी खाली पद है, उन्हें भरने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी रिपोर्ट में गंदे पानी की पुष्टि
गुरुवार को महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में भी पानी में सीवेज मिलने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा और सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा था- पानी में बैक्टीरिया मिले हैं, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट जारी नहीं की। कलेक्टर ने कहा था- पानी की कल्चर रिपोर्ट आने के बाद और स्थिति स्पष्ट होगी।