एचबीटीवी न्यूज ने रुकवाया हरियाणा गृह निर्माण संस्था में भूमाफियाओं का खेल, कलेक्टर ने लिया सख्त एक्शन, तहसीलदार, आरआई और पटवारी को लूप लाइन भेजा.
इंदौर। इंदौर में भूमाफियाओं का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी वे कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। ताजा मामला हरियाणा गृह निर्माण संस्था का है। यहां भूमाफियाओं ने तहसीलदार के माध्यम से उस जमीन की नपती के आदेश जारी करवा दिए थे, जिस पर पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह ने रोक लगा रखी थी। इसकी जानकारी जब एचबीटीवी न्यूज को लगी तो यह मामला कलेक्टर के संज्ञान में लाया गया। कलेक्टर ने सख्त एक्शन लेते हुए तहसीलदार, आरआई और पटवारी को लूप लाइन में भेज दिया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह ने नगर भूमि सीमा अधिनियम 1976 की धारा 20 (क) के तहत एक आदेश निकाला था। इसमें खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट आदेश दिया गया था कि इन जमीनों पर जब तक सुनवाई नहीं होगी कुछ भी नहीं हो सकता। इसमें हरियाणा गृह निर्माण संस्था की कनाड़िया स्थित जमीन खसरा नंबर 1179 भी शामिल है। इस संस्था पर प्रशासक भी बैठा हुआ है।
दो भूमाफिया लंबे समय से कर रहे कोशिश
शहर के दो कुख्यात भूमाफिया जो कई बार जेल की हवा भी खा चुके हैं, हरियाणा गृह निर्माण संस्था की जमीन को निपटाने की कोशिश में लगे हैं। इनमें से एक भूमाफिया जो जेल से आने के बाद ज्यादा ही सक्रिय है, उसने तहसीलदार के माध्यम से खेल जमाने की कोशिश की। तहसीलदार ने इस जमीन की नपती का आदेश निकाल दिया। चूंकि आदेश हो चुका था तो आरआई और पटवारी जाकर जमीन की नपती भी कर आए।
एचबीटीवी न्यूज ने दी कलेक्टर को जानकारी
यह मामला पता चलते ही एचबीटीवी न्यूज ने मय प्रमाण कलेक्टर शिवम वर्मा को जानकारी दी। उन्होंने पता लगाया तो जानकारी मिली कि इस जमीन की नपती तो हो ही नहीं सकती थी। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार जूनी इंदौर प्रीति भिसे को हटाकर कलेक्टोरेट की नजूल शाखा में पदस्थ कर दिया। इतना ही नहीं राजस्व निरीक्षक (आरआई) मनीष चतुर्वेदी और पटवारी जूनी इंदौर अक्षय शांडिल्य को भू-अभिलेख शाखा में अटैच कर दिया।
कलेक्टर बोले-मामले की जांच कराएंगे
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद हमने इसे रुकवा दिया है। अब पूरे मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।