भागीरथपुरा मामले में पिता कैलाश विजयवर्गीय की चिट्ठी के बाद पुत्र आकाश की पोस्ट चर्चा में, मतलब साफ है-‘अभी तो चुप हैं, बाद में देख लेंगे’.
इंदौर। इंदौर की विधानसभा एक के भागीरथपुरा में गंदे पानी से मौतों के मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के जनता के नाम एक चिट्ठी लिखी। कल ही उनके पुत्र आकाश विजयवर्गीय ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसकी चर्चा जमकर हो रही है। आकाश के इस पोस्ट को लोग समझने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसका टोन समझ नहीं आ रहा।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की चिट्ठी में साफ-साफ लिखा है कि वे इंदौर का बेटा हैं और लोगों के साथ हैं। जो जिम्मेदार थे, उन पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन फिर भी मन बहुत व्यथित है, क्योंकि इससे हमारे इंदौर का नाम खराब हुआ। अभी तो ऐसा लग रहा है, जैसे वर्षों मेहनत कर शहर के बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं के साथ अफसर, जनप्रतिनिधियों ने मिलकर जो पहचान बनाई थी, उस पर दाग लगा है। इसका मतलब साफ था कि मंत्री विजयवर्गीय को इस घटना को लेकर अफसोस है, लेकिन आकाश के पोस्ट से कुछ अलग ही संदेश जा रहा है।
आइए, पहले आकाश का पोस्ट पढ़िए
एक बात साफ करना चाहता हूँ
मैदान में खड़े है, सेवा में लगे है,
मतलब ये कतई नहीं की दोषी है।
बुरे वक्त में साथ देने की पुरानी आदत है।
एक बार स्तिथि सामान्य हो जाएं,
फिर इसपर विस्तार में चर्चा करेंगे।
"ॐ नमः शिवाय"
पोस्ट से साफ है कि अभी चुप हैं, बाद में देख लेंगे
आकाश के पोस्ट से साफ है कि अभी परिस्थितियां विपरित हैं। इसलिए चुप हैं। स्थिति सामान्य हो जाए तो सब को बाद में देख लेंगे। आकाश शायद यह कहना चाह रहे हैं कि जिसको जो बोलना है, बोल लो। जिसको जो करना है कर लो। अभी हम शांत हैं। स्थितियां ठीक हो जाएं, तो सबका हिसाब होगा। आकाश ने यह भी साफ कर दिया है कि वे और उनकी टीम इसके लिए दोषी नहीं है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा एक की जिम्मेदारी आकाश ही संभालते हैं।
इससे पहले कहा था-गंदा नहीं था पानी
इससे पहले आकाश विजयवर्गीय तब चर्चा में आए थे, जब मीडिया से बातचीत में उन्होंने भागीरथपुरा के पानी को साफ बताया था। भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो हो गया, सो हो गया। भागीरथपुरा का पानी गंदा था ही नहीं। अगर गंदा होता, तो लोग इसे नहीं पीते। प्रभावित क्षेत्र के दौरे के बाद आकाश से मीडिया ने वक्तव्य मांगा तो बोले- मैं कई दिनों से वक्तव्य नहीं दे रहा, लेकिन आपने ले लिया। पूरे शहर में ड्रेनेज और नर्मदा साथ-साथ चलती है। कभी ड्रेनेज लाइन चोक हो जाती है, तो गंदा पानी आता है। भागीरथपुरा में दुर्भाग्य से यह हादसा हो गया है।
पिता-पुत्र दोनों आ गए थे निशाने पर
इसी दौरान पिता कैलाश विजयवर्गीय ने एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के सवाल के जवाब के दौरान घंटा शब्द का इस्तेमाल कर लिया था। यह नेशनल खबर बन गई और पिता सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। हालांकि बाद में विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर माफी भी मांग ली थी, लेकिन आकाश के वक्तव्य ने आग में घी का काम किया और पिता-पुत्र दोनों निशाने पर आ गए।
बल्ला कांड से भी पूरे देश में चर्चा में आए थे आकाश
आकाश विजयवर्गीय पहले भी ऐसी हरकतें कर चुके हैं। जब वे विधानसभा तीन के विधायक थे, तो नगर निगम अधिकारियों पर बल्ला उठा लिया था। तब वे पूरे देश की मीडिया की सुर्खियां बने थे। हालांकि बाद में यह मामला रफा-दफा हो गया, लेकिन आकाश की इस हरकत की लोगों ने जमकर आलोचना की थी। अब भागीरथपुरा मामले में भी आकाश जो कर रहे हैं, उससे साफ जाहिर है कि उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है और ऐसी हरकतें वे करते रहेंगे।