अमेरिका-चीन में टैरिफ वॉर तेज: चीन का करारा जवाब, अमेरिकी सामानों पर 10% से 15 % टैरिफ लागू.
अमेरिका-चीन में टैरिफ वॉर तेज: चीन का करारा जवाब, अमेरिकी सामानों पर 10% टैरिफ लागू
अमेरिका द्वारा चीन पर टैरिफ लगाने के तुरंत बाद, चीन ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी सामानों पर 10% से 15 % टैरिफ लागू करने की घोषणा कर दी है। इससे अमेरिका से चीन भेजे जाने वाले बड़े इंजनों वाली कारों, पिकअप ट्रकों, कच्चे तेल और खेती-बाड़ी की मशीनों के आयात पर असर पड़ेगा। वहीं अमेरिका से आने वाले कोयले और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) पर 15 % टैरिफ लागू किया है, अमेरिकी प्रशासन के 10% टैरिफ लागू करने के जवाब में, चीन ने भी अमेरिकी आयातित उत्पादों पर समान दर से टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी।

हालांकि, अमेरिका ने कनाडा और मेक्सिको के ख़िलाफ प्रस्तावित 25-25% टैरिफ को 30 दिनों के लिए टाल दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिका पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक समझौते को प्राथमिकता देना चाहता है।
टैरिफ वॉर के इस नए दौर से वैश्विक व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका और चीन की अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। अब यह देखना होगा कि इस व्यापार युद्ध का अगला कदम क्या होगा और दोनों देश किस तरह इस तनाव को संभालते हैं।
अमेरिका-चीन में टैरिफ वॉर तेज: चीन का करारा जवाब, अमेरिकी सामानों पर 10% टैरिफ लागू
अमेरिका द्वारा चीन पर टैरिफ लगाने के तुरंत बाद, चीन ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी सामानों पर 10% से 15 % टैरिफ लागू करने की घोषणा कर दी है। इससे अमेरिका से चीन भेजे जाने वाले बड़े इंजनों वाली कारों, पिकअप ट्रकों, कच्चे तेल और खेती-बाड़ी की मशीनों के आयात पर असर पड़ेगा। वहीं अमेरिका से आने वाले कोयले और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) पर 15 % टैरिफ लागू किया है, अमेरिकी प्रशासन के 10% टैरिफ लागू करने के जवाब में, चीन ने भी अमेरिकी आयातित उत्पादों पर समान दर से टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी।
हालांकि, अमेरिका ने कनाडा और मेक्सिको के ख़िलाफ प्रस्तावित 25-25% टैरिफ को 30 दिनों के लिए टाल दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिका पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक समझौते को प्राथमिकता देना चाहता है।
टैरिफ वॉर के इस नए दौर से वैश्विक व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका और चीन की अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। अब यह देखना होगा कि इस व्यापार युद्ध का अगला कदम क्या होगा और दोनों देश किस तरह इस तनाव को संभालते हैं।