देपसांग-डेमचोक से सैन्य वापसी आज होगी पूरी
रक्षा सूत्रों ने बताया कि चीन के साथ बनी सहमति के तहत पूर्वी लद्दाख में सैन्य वापसी की प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में पहुंच गई है। दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट रही हैं और अस्थायी शिविरों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह प्रक्रिया आज तय समयसीमा में पूरी हो जाएगी।

गलवान संघर्ष के बाद कायम गतिरोध तोड़ने के लिए भारत-चीन के बीच हुए समझौते के तहत एलएसी पर अस्थायी सैन्य शिविरों को तोड़ने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। दो प्रमुख बिंदुओं देपसांग और डेमचोक पर दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने का काम आज पूरा हो जाएगा।

इसके बाद माह के अंत तक एलएसी पर गश्त की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।सूत्रों के मुताबिक, एलएसी पर टकराव वाले दो प्रमुख बिंदुओं देपसांग और डेमचोक में ऐसे सभी अस्थायी शिविर तोड़े जा रहे हैं जो 2020 में गतिरोध शुरू होने के बाद पिछले चार वर्षों के दौरान बनाए गए थे। इसमें ऐसे सभी अस्थायी ठिकाने शामिल हैं, जिन्हें सैनिकों के रहने के अलावा सैन्य उपकरण और वाहन रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
देपसांग-डेमचोक से सैन्य वापसी आज होगी पूरी
रक्षा सूत्रों ने बताया कि चीन के साथ बनी सहमति के तहत पूर्वी लद्दाख में सैन्य वापसी की प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में पहुंच गई है। दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट रही हैं और अस्थायी शिविरों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह प्रक्रिया आज तय समयसीमा में पूरी हो जाएगी।
गलवान संघर्ष के बाद कायम गतिरोध तोड़ने के लिए भारत-चीन के बीच हुए समझौते के तहत एलएसी पर अस्थायी सैन्य शिविरों को तोड़ने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। दो प्रमुख बिंदुओं देपसांग और डेमचोक पर दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने का काम आज पूरा हो जाएगा।
इसके बाद माह के अंत तक एलएसी पर गश्त की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।सूत्रों के मुताबिक, एलएसी पर टकराव वाले दो प्रमुख बिंदुओं देपसांग और डेमचोक में ऐसे सभी अस्थायी शिविर तोड़े जा रहे हैं जो 2020 में गतिरोध शुरू होने के बाद पिछले चार वर्षों के दौरान बनाए गए थे। इसमें ऐसे सभी अस्थायी ठिकाने शामिल हैं, जिन्हें सैनिकों के रहने के अलावा सैन्य उपकरण और वाहन रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।