अमेरिका ; राष्ट्रपति चुनाव में दखलंदाजी के आरोप में लगे रुस पर प्रतिबंध.
अमेरिका ; राष्ट्रपति चुनाव में दखलंदाजी के आरोप में लगे रुस पर प्रतिबंध
अमेरिका ने रुस पर राष्ट्रपति चुनावों में दखल देने और बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का आरोप लगाया है और रूस के सरकारी मीडिया के अधिकारियों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं.
अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने रूस की सरकारी मीडिया आरटी पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिकी दर्शकों तक छिपे हुए रूसी संदेशों को बनाने और पहुंचाने के लिए टेनेसी की एक फर्म को एक करोड़ डॉलर दिए हैं.
जिन 10 लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें आरटी की प्रमुख मार्गरीटा सिमोन्यान का भी नाम प्रमुख है. अमेरिका ने कहा है, हमारे संस्थानों पर जनता के भरोसे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

गारलैंड ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच चुनाव में मॉस्को अपने अनुसार नतीजे चाहता है.
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन कीर्बी ने कहा कि रूस की परियोजना यूक्रेन के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन को कम करने, रूस समर्थक नीतियों और हितों को आगे बढ़ाने और अमेरिका में मतदाताओं को प्रभावित करने की थी.

अमेरिका अधिकारियों ने कहा कि आरटी और रूस की अन्य सरकारी मीडिया ने अपनी गलत गतिविधियों के समर्थन में अमेरिकी इन्फ़्लूएंसर्स को छिपे तौर पर भर्ती करने का अभियान चला रखा है.
Article By :
Abhilash Shukla
अमेरिका ; राष्ट्रपति चुनाव में दखलंदाजी के आरोप में लगे रुस पर प्रतिबंध
अमेरिका ने रुस पर राष्ट्रपति चुनावों में दखल देने और बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का आरोप लगाया है और रूस के सरकारी मीडिया के अधिकारियों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं.
अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने रूस की सरकारी मीडिया आरटी पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिकी दर्शकों तक छिपे हुए रूसी संदेशों को बनाने और पहुंचाने के लिए टेनेसी की एक फर्म को एक करोड़ डॉलर दिए हैं.
जिन 10 लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें आरटी की प्रमुख मार्गरीटा सिमोन्यान का भी नाम प्रमुख है. अमेरिका ने कहा है, हमारे संस्थानों पर जनता के भरोसे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
गारलैंड ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच चुनाव में मॉस्को अपने अनुसार नतीजे चाहता है.
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन कीर्बी ने कहा कि रूस की परियोजना यूक्रेन के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन को कम करने, रूस समर्थक नीतियों और हितों को आगे बढ़ाने और अमेरिका में मतदाताओं को प्रभावित करने की थी.
अमेरिका अधिकारियों ने कहा कि आरटी और रूस की अन्य सरकारी मीडिया ने अपनी गलत गतिविधियों के समर्थन में अमेरिकी इन्फ़्लूएंसर्स को छिपे तौर पर भर्ती करने का अभियान चला रखा है.