हे महाकाल ! हमें भी तो आपने ही बनाया, हम भी तो इंसान हैं, फिर ये कौन लोग हैं जो हम जैसे लाखों भक्तों को मुंह चिढ़ाते आपके पास खड़े हो जाते हैं?.