किसानों पर मेहरबान मध्यप्रदेश सरकार, पहली कृषि कैबिनेट में कई बड़े फैसले हुए, 27,746 करोड़ का पैकेज.
इंदौर। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार की पहली कृषि कैबिनेट में किसानों के हित में कई फैसले लिए गए। सीएम डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में किसानों के कल्याण के लिए कुल 27 हजार 746 करोड़ रुपये के व्यय भार को स्वीकृति दी गई, जिसमें 16 विभागों की विभिन्न योजनाएं शामिल हैं। कैबिनेट में विशेष रूप से बड़वानी जिले की कृषि शक्ति को नया आयाम देने वाले दो माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं बड़वानी को बड़ी सौगात देते हुए एक आधुनिक कृषि मंडी के निर्माण की भी हरी झंडी दिखाई है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस ब्रीफिंग में किसानों के हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी दी। सीएम यादव ने कहा कि भीलट देव के देवस्थान से कृषि कैबिनेट की शुरुआत होना निमाड़ अंचल के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने खेती और बागवानी में आई प्रगति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों का परिणाम बताया। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों की सुख समृद्धि और कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आज बड़े फैसले किए गए हैं।
6 विभागों की 16 योजनाओं के लिए बड़े फैसले
सीएम यादव ने बताया कि किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। इन योजनाओं पर सरकार पर 27 हजार 746 करोड़ का भार आएगा। ये राशि किसान कल्याण पर खर्च की जाएगी। सीएम ने कहा कि पिछली बार भगोरिया उत्सव में की गई घोषणा पानसेमल और वारणा को आज हमने कृषि कैबिनेट में पूरा किया है। सच्चा वादा पक्का काम, यह हमारी सरकार की पहचान इस संकल्प की पूर्ति की है।
किसानों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत
सीएम ने कहा कि इन निर्णयों से न केवल सिंचाई की सुविधाएं बढे़ंगी, बल्कि कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्थाएं भी तैयार होंगी। सरकार के इस कदम से किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूती मिलेगी। सीएम ने कहा कि बीते समय फरवरी 2025 में महारानी अहिल्याबाई का परिक्षेत्र है, तब हमने अहिल्याबाई के नाम पर कैबिनेट अहिल्यामाता के नाम पर निमाड़ के महेश्वर अंचल में की थी। इस बार पहली बार नांगलवाड़ी में बड़वानी में पहली बार की है।
25 किसानों होंगे मास्टर ट्रेनर
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है, ये दूसरे राज्यों में प्राकृतिक खेती के गुर सिखाएंगे। मछुआ किसान व मतस्य किसान जो डूब क्षेत्र में आते हैं, प्रभावित किसानों की आजीविका को संवर्धन देने के लिए एकीकृत मत्स्य उत्पादन नीति 2026 के जरिए 5000 केजों के माध्यम से अलग-अलग अत्याधुनिक फिश फार्मिंग, फिश कम डक, बागवानी, पोल्ट्री आधारित इको टूरिज्म को बढ़ाते हुए सभी प्रकार के लोगों की आय बढ़े, ताकि विस्थापित भाई-बहनों को नए क्षेत्रों से रोजगार मिले।
कृषि कल्याण विभाग में 3502 करोड़ खर्च होंगे
कृषि कल्याण विभाग में 3502 करोड़ की राशि खर्च होगी। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाओं पर 4264 करोड़ की राशि खर्च होगी। डेयरी एवं पशुपालन विभाग की 4 योजनाओं में 9 हजार 408 करोड़ की राशि खर्च होगी। मछुआ कल्याण की 2 योजनाओं पर 218.50 करोड़ राशि खर्च होगी। सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं पर 8186 करोड़ की राशि खर्च होगी। नर्मदा घाटी विकास विभाग में 2068 राशि खर्च होगी।