इंदौर के कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और डब्बा कारोबार से 404 करोड़ कमाए, ईडी ने पेश किया चालान.
इंदौर। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम के खास इंदौर के कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और डब्बा कारोबार से 404 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर कोर्ट में मंगलवार को गोलू और उनके करीबी तरुण श्रीवास्तव के खिलाफ चालान दाखिल किया है। ईडी की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में यह चालान पेश हुआ।
ईडी ने गोलू के ठिकानों पर छापा मारने के बाद जांच शुरू की थी। इसमें पता चला कि गोलू इस नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जबकि तरुण श्रीवास्तव उसकी मदद करता था। तरुण वित्तीय संचालन और फर्जी खातों को संभालता था। नेटवर्क में श्रीनिवासन रामासामी ने फर्जी ट्रेडिंग और एमटी 5 सर्वरों को कॉन्फिगर किया था। सट्टेबाजी नेटवर्क में धवल देवराज जैन ने भूमिगत प्लेटफॉर्म LotusBook247 का संचालन किया। धर्मेश रजनीकांत त्रिवेदी ने ऑफशोर इकाई iBull Capital का प्रबंधन किया, जबकि निधि चंदनानी ने दुबई स्थित संरचनाओं के माध्यम से कैश फ्लो और हेर-फेर में सहायता की।
ग्राहकों को नकली ट्रेड दिखाकर कमाए पैसे
ईडी की जांच में पता चला कि ग्राहकों को नकली ट्रेड दिखाए गए थे। V Money और 8Stock Height जैसे प्लेटफॉर्म पर ट्रेड किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज से नहीं किए गए थे। वहीं, LotusBook247 और 11Starss जैसे सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म गुमनाम खातों और एन्क्रिप्टेड संचार के जरिए संचालित किए जा रहे थे। जांच में 404.46 करोड़ रुपए की आपराधिक आय का पता चला है।
ईडी ने कुर्क की थी 34 करोड़ की संपत्ति
ईडी ने 34.26 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। इसमें 28.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां, 3.83 करोड़ रुपए की चल संपत्तियां, 1.83 करोड़ रुपए बैंक और डीमैट खातों में शामिल हैं। तलाशी के दौरान 5.21 करोड़ रुपए से अधिक नकद, 59.9 किलोग्राम चांदी की छड़ें और 100 ग्राम सोने की छड़ जब्त की गई। इसके अलावा 1.94 करोड़ रुपए के आभूषण और 4.77 करोड़ रुपए की लग्जरी घड़ियां भी जब्त की गईं। 41 लाख रुपए से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स को फ्रीज किया गया। ये सभी संपत्तियां गिरोह की अवैध गतिविधियों से अर्जित बताई गई हैं।
लसूड़िया थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
ईडी ने दिसंबर 2024 में इंदौर में गोलू के ठिकानों पर ईडी ने छापे मारे थे। इसके बाद 9 जनवरी 2025 को लसूड़िया थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसी छापे और एफआईआर के आधार पर मुंबई में कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म व्हाइट-लेबल एप के जरिए संचालित किए जा रहे थे, जिनमें प्रॉफिट में हिस्सेदारी दी जाती थी।
पांच प्रतिशत लाभ के आधार पर लिए थे अधिकार
ईडी के अनुसार, गोलू वी मनी और 11 स्टार्स एप के जरिए लाभ कमाने वालों में शामिल था। उसने LotusBook सट्टा प्लेटफॉर्म के एडमिन अधिकार 5 प्रतिशत लाभ के आधार पर हासिल किए थे। बाद में गोलू अग्निहोत्री ने ये एडमिन अधिकार धवल देवराज जैन को ट्रांसफर कर दिए। इसमें गोलू ने अपने पास 0.125 प्रतिशत और जैन को 4.875 प्रतिशत हिस्सेदारी दी। इसके बाद जैन ने अपने साथी जॉन स्टेट्स उर्फ पांडे के साथ एक व्हाइट-लेबल प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसे गोलू को 11 स्टार्स संचालन के लिए दिया गया।