छनेरा के केनरा बैंक का ब्रांच मैनेजर रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ाया, लोकायुक्त के इंदौर इकाई की कार्रवाई.
इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने केनरा बैंक, छनेरा के ब्रांच मैनेजर राधा रमन सिंह राजपूत को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा हैं। मैनेजर ने आचार्य विद्यासागर योजना के तहत दूध डेयरी निर्माण हेतु राशि जारी कराने के लिए रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने बताया कि हरसूद तहसील के रामपुरी रेयक के निवासी विनोद लोवंशी ने इसकी शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि आवेदक को आचार्य विद्यासागर योजना अंतर्गत दूध डेयरी निर्माण हेतु शासन से छह लाख रुपए स्वीकृत होना था। उपरोक्त राशि स्वीकृत कराकर आवेदक के बैंक खाते में डालने के एवज में आरोपी द्वारा आवेदक से 75 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई। इसकी प्रथम किस्त 10 हजार रुपए वह ले चुका था। द्वितीय किस्त की राशि पांच हजार रुपए आज मंगलवार को देना तय हुआ था। तृतीय किस्त की राशि आवेदक के बैंक खाते में रुपए आने पर देना थी। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर आज 5 अगस्त को को ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी ने जैसे ही रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली आसपास तैनात लोकायुक्त दल ने रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में डीएसपी लोकायुक्त सुनील तालान ,निरीक्षक सचिन पटेरिया, आरक्षक विजय सेलार,आरक्षक अनिल परमार, आरक्षक पवन पटोरिया, टाइपिस्ट प्रभात मोरे, चालक शेरसिंह ठाकुर और दो पंच साक्षी शामिल हैं।
इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने केनरा बैंक, छनेरा के ब्रांच मैनेजर राधा रमन सिंह राजपूत को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा हैं। मैनेजर ने आचार्य विद्यासागर योजना के तहत दूध डेयरी निर्माण हेतु राशि जारी कराने के लिए रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने बताया कि हरसूद तहसील के रामपुरी रेयक के निवासी विनोद लोवंशी ने इसकी शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि आवेदक को आचार्य विद्यासागर योजना अंतर्गत दूध डेयरी निर्माण हेतु शासन से छह लाख रुपए स्वीकृत होना था। उपरोक्त राशि स्वीकृत कराकर आवेदक के बैंक खाते में डालने के एवज में आरोपी द्वारा आवेदक से 75 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई। इसकी प्रथम किस्त 10 हजार रुपए वह ले चुका था। द्वितीय किस्त की राशि पांच हजार रुपए आज मंगलवार को देना तय हुआ था। तृतीय किस्त की राशि आवेदक के बैंक खाते में रुपए आने पर देना थी। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर आज 5 अगस्त को को ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी ने जैसे ही रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली आसपास तैनात लोकायुक्त दल ने रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में डीएसपी लोकायुक्त सुनील तालान ,निरीक्षक सचिन पटेरिया, आरक्षक विजय सेलार,आरक्षक अनिल परमार, आरक्षक पवन पटोरिया, टाइपिस्ट प्रभात मोरे, चालक शेरसिंह ठाकुर और दो पंच साक्षी शामिल हैं।