पोखरण; 12 मार्च को मिलेगी आत्मनिर्भर भारत सेना की झलक.
पोखरण; 12 मार्च को मिलेगी आत्मनिर्भर भारत सेना की झलक
दो दिन बाद पोखरण में प्रधानमंत्री इस बात का जायज़ा लेंगे कि आत्मनिर्भरता से अपनी ताकत बढ़ाने की सेना की योजना किस तरह आगे बढ़ रही है. अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पोखरण में होने वाले इस सैन्य अभ्यास भारत शक्ति में तीनों सेनाएं (वायु, थल और नौसेना) हिस्सा लेंगी. अधिकारियों ने बताया है कि इस दौरान ये दिखाया जाएगा कि युद्ध की स्थिति में तीनों सेनाएं किस तरह साथ मिलकर काम करती हैं और तीनों के बीच समन्वय किस तेजी से होता है.

आर्मी डिजाइन ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल सीएस मान ने अखबार को बताया कि इस दौरान तीनों सेनाएं देश में बने हथियारों की काबिलियत का भी प्रदर्शन करेंगी.अखबार के अनुसार इस दौरान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, लाइट हेलिकॉप्टर प्रचंड, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, एंटी ड्रोन सिस्टम, टी-90 टैंक, ड्रोन से छोड़े जाने वाले बम और मिसाइलें, मानवरहित एरियल व्हीकल, रॉकेट और रडार के साथ साथ धनुष, और वज्र जैसी आधुनिक बंदूकों का इस्तेमाल भी दिखाया जाएगा.
पोखरण; 12 मार्च को मिलेगी आत्मनिर्भर भारत सेना की झलक
दो दिन बाद पोखरण में प्रधानमंत्री इस बात का जायज़ा लेंगे कि आत्मनिर्भरता से अपनी ताकत बढ़ाने की सेना की योजना किस तरह आगे बढ़ रही है. अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पोखरण में होने वाले इस सैन्य अभ्यास भारत शक्ति में तीनों सेनाएं (वायु, थल और नौसेना) हिस्सा लेंगी. अधिकारियों ने बताया है कि इस दौरान ये दिखाया जाएगा कि युद्ध की स्थिति में तीनों सेनाएं किस तरह साथ मिलकर काम करती हैं और तीनों के बीच समन्वय किस तेजी से होता है.
आर्मी डिजाइन ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल सीएस मान ने अखबार को बताया कि इस दौरान तीनों सेनाएं देश में बने हथियारों की काबिलियत का भी प्रदर्शन करेंगी.अखबार के अनुसार इस दौरान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, लाइट हेलिकॉप्टर प्रचंड, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, एंटी ड्रोन सिस्टम, टी-90 टैंक, ड्रोन से छोड़े जाने वाले बम और मिसाइलें, मानवरहित एरियल व्हीकल, रॉकेट और रडार के साथ साथ धनुष, और वज्र जैसी आधुनिक बंदूकों का इस्तेमाल भी दिखाया जाएगा.