कैलाश खेर की पहली किताब ‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ लॉन्च, गानों के पीछे की अनसुनी कहानियां आईं सामने.
कैलाश खेर की पहली किताब ‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ लॉन्च, गानों के पीछे की अनसुनी कहानियां आईं सामने
मशहूर गायक कैलाश खेर ने हाल ही में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी पहली किताब ‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ को लॉन्च किया। इस किताब में उन्होंने अपने लोकप्रिय गानों के पीछे की अनकही कहानियों को साझा किया है।
क्या है खास इस किताब में?
‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ कैलाश खेर के शुरुआती संघर्ष, म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके सफर और 50 लोकप्रिय गीतों के पीछे की प्रेरणादायक कहानियों का संकलन है।
किताब में ‘सैयां’, ‘तेरी दीवानी’ और ‘अल्लाह के बंदे’ जैसे गानों की भावनात्मक पृष्ठभूमि का जिक्र किया गया है।
कैलाश ने बताया कि उनके फैंस हमेशा उनके गानों के पीछे की कहानियों को जानना चाहते थे, और यह किताब उन सभी सवालों का जवाब देती है।

फैंस के लिए खास तोहफा
इंस्टाग्राम पर अपनी बुक लॉन्च की झलक साझा करते हुए कैलाश खेर ने लिखा,"‘तेरी दीवानी’ हमेशा से एक गीत से बढ़कर रहा है, यह एक भावना है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इसे मिले प्यार के लिए आभारी हूं!"
संघर्षों से सफलता तक का सफर
कैलाश खेर ने बताया कि म्यूजिक इंडस्ट्री में आने से पहले उन्होंने कई रिजेक्शन झेले।
अखबार में काम करने और जिंगल गाने से करियर शुरू किया, फिर अपनी अनोखी आवाज़ से इंडस्ट्री में पहचान बनाई।
कैलाश ने अपने पिता की आध्यात्मिक शिक्षाओं को अपनी सफलता का श्रेय दिया।
अगली किताब का ऐलान: ‘प्रोडिजी ऑफ फेलियर’
कैलाश खेर ने अपने अगले प्रोजेक्ट ‘प्रोडिजी ऑफ फेलियर’ की भी घोषणा की।
यह किताब उनके संघर्षों और म्यूजिक इंडस्ट्री में जगह बनाने के कठिन सफर पर आधारित होगी।
क्यों पढ़नी चाहिए यह किताब?
अगर आप संगीत प्रेमी हैं और कैलाश खेर के गानों से भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं, तो यह किताब आपको उनकी रचनात्मक यात्रा से जोड़ देगी।
प्रेरणादायक कहानियों और संगीत के जुनून से भरी यह किताब संघर्ष करने वाले कलाकारों के लिए भी एक प्रेरणा साबित हो सकती है।
कैलाश खेर की पहली किताब ‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ लॉन्च, गानों के पीछे की अनसुनी कहानियां आईं सामने
मशहूर गायक कैलाश खेर ने हाल ही में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी पहली किताब ‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ को लॉन्च किया। इस किताब में उन्होंने अपने लोकप्रिय गानों के पीछे की अनकही कहानियों को साझा किया है।
क्या है खास इस किताब में?
‘तेरी दीवानी: शब्दों के पार’ कैलाश खेर के शुरुआती संघर्ष, म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके सफर और 50 लोकप्रिय गीतों के पीछे की प्रेरणादायक कहानियों का संकलन है।
किताब में ‘सैयां’, ‘तेरी दीवानी’ और ‘अल्लाह के बंदे’ जैसे गानों की भावनात्मक पृष्ठभूमि का जिक्र किया गया है।
कैलाश ने बताया कि उनके फैंस हमेशा उनके गानों के पीछे की कहानियों को जानना चाहते थे, और यह किताब उन सभी सवालों का जवाब देती है।
फैंस के लिए खास तोहफा
इंस्टाग्राम पर अपनी बुक लॉन्च की झलक साझा करते हुए कैलाश खेर ने लिखा,"‘तेरी दीवानी’ हमेशा से एक गीत से बढ़कर रहा है, यह एक भावना है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इसे मिले प्यार के लिए आभारी हूं!"
संघर्षों से सफलता तक का सफर
कैलाश खेर ने बताया कि म्यूजिक इंडस्ट्री में आने से पहले उन्होंने कई रिजेक्शन झेले।
अखबार में काम करने और जिंगल गाने से करियर शुरू किया, फिर अपनी अनोखी आवाज़ से इंडस्ट्री में पहचान बनाई।
कैलाश ने अपने पिता की आध्यात्मिक शिक्षाओं को अपनी सफलता का श्रेय दिया।
अगली किताब का ऐलान: ‘प्रोडिजी ऑफ फेलियर’
कैलाश खेर ने अपने अगले प्रोजेक्ट ‘प्रोडिजी ऑफ फेलियर’ की भी घोषणा की।
यह किताब उनके संघर्षों और म्यूजिक इंडस्ट्री में जगह बनाने के कठिन सफर पर आधारित होगी।
क्यों पढ़नी चाहिए यह किताब?
अगर आप संगीत प्रेमी हैं और कैलाश खेर के गानों से भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं, तो यह किताब आपको उनकी रचनात्मक यात्रा से जोड़ देगी।
प्रेरणादायक कहानियों और संगीत के जुनून से भरी यह किताब संघर्ष करने वाले कलाकारों के लिए भी एक प्रेरणा साबित हो सकती है।