खड़गे ने लिखी राष्ट्रपति को चिट्ठी ;की मणिपुर में हस्तक्षेप की अपील.
खड़गे ने लिखी राष्ट्रपति को चिट्ठी ;की मणिपुर में हस्तक्षेप की अपील
मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर जहां कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है वहीं अब मणिपुर के बिगड़ते हालात और हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाई है मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखकर उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है.
चिट्ठी में खड़गे ने मणिपुर के हालात का विवरण करते हुए लिखा पिछले 18 महीनों से मणिपुर में जारी संकट में 300 से अधिक लोगों की जान चली गई है जिनमें महिलाएं, बच्चे और नवजात तक शामिल हैं. इस संकट की वजह से राज्य में लाखों लोग बेघर हो गए हैं और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं.

उन्होंने लिखा मणिपुर में महंगाई बढ़ गई है. हिंसा ने राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और इससे लोगों के जीवन पर भी असर हुआ है.हिंसा की वजह से मणिपुर के लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है. कारोबार बंद हो गए है, नौकरियां चली गई हैं, नौकरीपेशा लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं, खाने-पीने की बुनियादी चीजों , दवाइयों और जरूरी सामान की कमी हो गई है, मई 2023 से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं, स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं.
केंद्र सरकार और मणिपुर की राज्य सरकार दोनों पिछले 18 महीनों से मणिपुर में शांति और स्थिरता को बहाल करने में असफल रहे हैं, राज्य के लोगों का दोनों सरकारों से विश्वास उठ गया है.
खड़गे ने लिखी राष्ट्रपति को चिट्ठी ;की मणिपुर में हस्तक्षेप की अपील
मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर जहां कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है वहीं अब मणिपुर के बिगड़ते हालात और हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाई है मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखकर उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है.
चिट्ठी में खड़गे ने मणिपुर के हालात का विवरण करते हुए लिखा पिछले 18 महीनों से मणिपुर में जारी संकट में 300 से अधिक लोगों की जान चली गई है जिनमें महिलाएं, बच्चे और नवजात तक शामिल हैं. इस संकट की वजह से राज्य में लाखों लोग बेघर हो गए हैं और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं.
उन्होंने लिखा मणिपुर में महंगाई बढ़ गई है. हिंसा ने राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और इससे लोगों के जीवन पर भी असर हुआ है.हिंसा की वजह से मणिपुर के लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है. कारोबार बंद हो गए है, नौकरियां चली गई हैं, नौकरीपेशा लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं, खाने-पीने की बुनियादी चीजों , दवाइयों और जरूरी सामान की कमी हो गई है, मई 2023 से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं, स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं.
केंद्र सरकार और मणिपुर की राज्य सरकार दोनों पिछले 18 महीनों से मणिपुर में शांति और स्थिरता को बहाल करने में असफल रहे हैं, राज्य के लोगों का दोनों सरकारों से विश्वास उठ गया है.