भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले भाषण में नितिन नबीन ने दिए कई संदेश, कहा-राजनीति भोग नहीं, त्याग है.
नई दिल्ली। मंगलवार को नितिन नबीन को औपचारिक रूप से भाजपा का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद नितिन नबीन ने अपने पहले संबोधन में ही कार्यकर्ताओं को कई संदेश दिए। नितिन नबीन ने कहा कि हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।
नितिन नबीन ने कहा कि मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और यहां मौजूद पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिवादन करता हूं। 2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से मैं देख रहा हूं कि राजनाथ सिंह ने किस प्रकार हर कार्यकर्ता से जुड़ने का प्रयास किया। नितिन गडकरी ने संगठन के हर मोर्चे को गढ़ने का काम किया।
राजनीति से सक्रिय भागीदारी ही समाधान
नितिन नबीन ने कहा वर्तमान पीढ़ी को अपने हिस्से का पुरुषार्थ, त्याग और तपस्या करनी होगी। युवाओं की बात करते हुए उन्होंने कहा, 15 अगस्त 2024 को पीएम मोदी ने युवाओं को सार्वजनिक जीवन में आने का आह्वान किया। मैं युवाओं से कहना चाहूंगा, राजनीति से दूरी समाधान नहीं,सक्रिय भागीदारी ही समाधान है। लेकिन राजनीति शॉर्टकट नहीं है, राजनीति 100 मीटर की रेस नहीं है। राजनीति लॉन्ग मैराथन है, जहां पर स्पीड का नहीं स्टैमिना का टेस्ट होगा, इसलिए जरूरी है कि राजनीति की पिच पर हम अपनी जड़ों को मजबूत करके बैटिंग करें।
अनवरत काम करता है भाजपा कार्यकर्ता
उन्होंने आगे कहा क यदि आज भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनी है, तो इसकी वजह हमारा प्रेरणादायी नेतृत्व है, हमारी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत है। वो कार्यकर्ता, जो अनवरत काम करता है, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देता है, जो सीना ठोककर कहता है, तेरा वैभव अमर रहे मां। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते नितिन नबीन ने अपने पहले भाषण में कहा, हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।
राज्यों के चुनावों का किया जिक्र
नितिन नबीन ने कहा कि अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाला है और वहां की डेमोग्राफी की चर्चा हो रही है कि किस प्रकार वहां डेमोग्राफी बदल रही है। यह हमारे लिए चुनौती है लेकिन हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा का कार्यकर्ता अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर इन पांचों राज्यों में सशक्त भाजपा का नेतृत्व प्रदान करेगा।
राम मंदिर और कश्मीर के फैसलों से दिखा बदलाव
नितिन नबीन ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मार्ग के प्रशस्त होने और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर की जनता ने इस बदलाव को महसूस किया है और आज श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहराते देखना गर्व की बात है। एक समय ऐसा भी था जब कश्मीर में हालात अलग थे और केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठते थे। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद कश्मीर के माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है।