अगर भाजपा का महिला समीकरण नहीं चला तो कौन पुरुष नेता होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश से भी एक नाम रेस में आगे.
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शीघ्र होनी है। चर्चा है कि इस बार भाजपा साउथ की किसी महिला को अध्यक्ष बना सकती है। अगर यह दांव नहीं चला तो तीन पुरुष नेताओं के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, इसमें मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी नाम शामिल है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रदेश अध्यक्षों का चयन जरूरी होता है। फिलहाल भजपा ने आवश्यक संख्या में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि इस बार तीन महिला नेत्रियों-निर्मला सीतारमण, डी.पुरंदेश्वरी और वनाथी श्रीनिवासन के नामों की चर्चा है। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान, मनोहलाल खट्टर तथा धर्मेन्द्र प्रधान भी इस रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। अगर पार्टी इस बार महिला और साउथ का समीकरण लेकर चलती है तो तीन महिलाओं में से एक को अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। अगर किसी कारण से यह समीकरण बदला तो तीन पुरुष नेताओं में से एक को गद्दी मिल सकती है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान सबसे आगे बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्र यह भी बताते हैं कि पुरुष नेताओं में भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल और विनोद तावड़े के नामों पर भी चर्चा हो सकती है।
26 प्रदेशों में नियुक्त हो चुके अध्यक्ष
उल्लेखनीय है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आधिकारिक तौर पर जनवरी 2023 में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण जून 2024 तक उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। उसके बाद से उनका कार्यकाल फिर से बढ़ा दिया गया। भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव जरूरी है। इस प्रक्रिया में भी काफी विलंब हुआ, लेकिन भाजपा ने अब तक 26 राज्यों के लिए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति की जा सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनावों में भाजपा कई समीकरणों पर ध्यान दे रही है। इसमें संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और जातिगत समीकरण शामिल हैं।