पहाड़ से लेकर मैदानों तक वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर.
पहाड़ से लेकर मैदानों तक वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर
हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा से लेकर बिहार तक देश के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। जिससे लोगों को गले में खराश और आंखों में जलन हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पछुआ हवाओं में तेजी के बाद प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर, अटलांटिक महासागर और कैस्पियन सागर से नमी लाकर भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की वजह बनते हैं। सर्दियों के दौरान हर महीने औसतन छह से सात मजबूत पश्चिमी विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप से गुजरते हैं। 14 नवंबर से सक्रिय होने वाला मौजूदा सर्दियों के मौसम का पहला पश्चिमी विक्षोभ है। यह मेडिटेरियन सागर से भारत की ओर आ रहा है।मौसम विज्ञानियों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पछुआ हवा चलने लगी है। इससे पंजाब-हरियाणा के ऊपर जमा प्रदूषण दिल्ली की तरफ रुख कर गया।आगे मौसम में बदलाव के आसार हैं
पहाड़ से लेकर मैदानों तक वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर
हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा से लेकर बिहार तक देश के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। जिससे लोगों को गले में खराश और आंखों में जलन हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पछुआ हवाओं में तेजी के बाद प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर, अटलांटिक महासागर और कैस्पियन सागर से नमी लाकर भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की वजह बनते हैं। सर्दियों के दौरान हर महीने औसतन छह से सात मजबूत पश्चिमी विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप से गुजरते हैं। 14 नवंबर से सक्रिय होने वाला मौजूदा सर्दियों के मौसम का पहला पश्चिमी विक्षोभ है। यह मेडिटेरियन सागर से भारत की ओर आ रहा है।मौसम विज्ञानियों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पछुआ हवा चलने लगी है। इससे पंजाब-हरियाणा के ऊपर जमा प्रदूषण दिल्ली की तरफ रुख कर गया।आगे मौसम में बदलाव के आसार हैं