भाषा विवाद में राज ठाकरे की जुबान बोले उद्धव ठाकरे .
भाषा विवाद में राज ठाकरे की जुबान बोले उद्धव ठाकरे "महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की इजाजत नहीं देंगे
महाराष्ट्र में नई शिक्षा नीति को लेकर जारी भाषा विवाद के बीच राज ठाकरे के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है। ठाकरे ने साफ कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को जबरन लागू नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, "हमें हिंदी से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसे जबरन स्कूलों में पढ़ाना गलत है। यह भाषा की नहीं, बल्कि ज़बरदस्ती की बात है।"

ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र की मातृभाषा मराठी है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो लोग मराठी के साथ अन्याय कर रहे हैं, वे बाल ठाकरे की विरासत के असली वारिस नहीं हो सकते।
ठाकरे ने यह भी कहा, "जो महाराष्ट्र में रहना चाहता है, उसे 'जय महाराष्ट्र' कहना चाहिए और मराठी भाषा सीखनी चाहिए।"
गौरतलब है राज्य सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने की बात कही गई है। इससे पूर्व राज ठाकरे तीखा विरोध जाता चुके है अब उद्धव भी मैदान में है ऐसी स्थिति में अब देखना होगा सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है
भाषा विवाद में राज ठाकरे की जुबान बोले उद्धव ठाकरे "महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की इजाजत नहीं देंगे
महाराष्ट्र में नई शिक्षा नीति को लेकर जारी भाषा विवाद के बीच राज ठाकरे के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है। ठाकरे ने साफ कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को जबरन लागू नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, "हमें हिंदी से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसे जबरन स्कूलों में पढ़ाना गलत है। यह भाषा की नहीं, बल्कि ज़बरदस्ती की बात है।"
ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र की मातृभाषा मराठी है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो लोग मराठी के साथ अन्याय कर रहे हैं, वे बाल ठाकरे की विरासत के असली वारिस नहीं हो सकते।
ठाकरे ने यह भी कहा, "जो महाराष्ट्र में रहना चाहता है, उसे 'जय महाराष्ट्र' कहना चाहिए और मराठी भाषा सीखनी चाहिए।"
गौरतलब है राज्य सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने की बात कही गई है। इससे पूर्व राज ठाकरे तीखा विरोध जाता चुके है अब उद्धव भी मैदान में है ऐसी स्थिति में अब देखना होगा सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है